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चिंटेल्स: असुरक्षित घोषित टावर में रहने वाले 15 परिवारों को फ्लैट खाली करने का नोटिस

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चार सुरक्षित टावरों का सर्वे करने आएगी सीबीआरआई की टीम
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में असुरक्षित घोषित एच टावर में रह रहे लोगों को खाली करने के लिए डीटीपी ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद यदि फ्लैट मालिक नहीं खाली करेंगे तो प्रशासन की मदद ली जाएगी। वहीं, सेफ घोषित चार टावरों की जांच करने बृहस्पतिवार सीबीआरआई की टीम सोसाइटी में पहुंच सकती है।
डीटीपी ने अब इन लोगों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अनसेफ टावर को जल्द खाली कराया जाएगा। उनका कहना है कि प्रशासन की मदद से फ्लैट को खाली कराया जाएगा। बिल्डर के साथ मिलकर आगे की कार्रवाई करने पर काम चल रहा है। वहीं, इन फ्लैट में रह रहे लोगों का कहना है कि बिल्डर को उन्हें किराया देना चाहिए। उनका कहना है कि जीवनभर की कमाई फ्लैट लेने में लग गई। ऐसे में अब हजारों रुपये किराए पर देकर रहना होगा और बैंक की ईएमआई चुकानी होगी। बता दें कि 10 फरवरी 2022 को डी टावर में हुए हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कमेटी ने रिपोर्ट नवंबर 2022 में सौंप दी थी। इसमें पांच टावरों को अनसेफ घोषित कर दिया गया था। वहीं, चार टावरों को आईआईटी की टीम ने रहने योग्य घोषित किया था। इसमें लोग अभी रह रहे हैं। असुरक्षित घोषित टावरों में अभी एच टावर में करीब 15 परिवार रह रहे हैं। उनको खाली करने के लिए पहले डीटीपी ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी इन लोगों ने अभी फ्लैट को खाली नहीं किए हैं।
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चिंटेल्स बिल्डर के जेएन यादव का कहना है कि आईआईटी के सर्वे में चार टावर सुरक्षित घोषित किए थे। इसके बाद भी आईआईटी ने जनवरी में इन टावरों का सर्वे कराने के लिए कहा था। उनका कहना है कि सीबीआरआई (केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान) की टीम बृहस्पतिवार को चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के चार टावरों का सर्वे करेगी। यादव ने कहा कि कंपनी अपने स्तर पर असुरक्षित भवनों को तोड़ने के लिए नोएडा में ट्विन टावर को तोड़ने वाली कंपनी से मदद मांगी है। एडिफिस कंपनी सभी टावरों को देखने के बाद उन्हें ध्वस्त करने में आने वाले का अनुमानित बजट देगी। यादव ने बताया कि अपने स्तर पर भी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। माना जा रहा है कि अपने प्राथमिक निरीक्षण के लिए एडिफिस की टीम भी बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचेगी।


बैरिकेडिंग और 33 केवीए की बिजली नहीं मिली
आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि एडीसी ने हाल में सोसाइटी का दौरा कर टावरों की बैरिकेडिंग करने को कहा था। उन्होंने टावरों को तोड़ने के भी निर्देश दिए थे। हुड्डा ने बताया कि बिल्डर ने इसे लेकर अभी तक कदम नहीं उठाया है। उनका कहना है कि असुरक्षित घोषित टावरों पर ही बैरिकेडिंग होनी चाहिए। हालांकि हुड्डा ने बताया कि एच टावर में अभी कुछ परिवार रह रहे हैं। उन्हें अभी अलग-अलग नोटिस अभी नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि सोसाइटी के गेट पर 33 केवी की बिजली लाइन आ चुकी है। अभी तक कनेक्शन नहीं लिया है।
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288 लोग हैं प्रभावित
आरडब्ल्यूए प्रधान राकेश हुड्डा ने बताया कि हादसे के बाद करीब 288 लोग प्रभावित हैं। उनका कहना है कि बिल्डर के पैसा वापसी वाले प्लान पर करीब 121 लोग सहमत हैं। अन्य लोग अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रधान का कहना है कि बिल्डर का रवैया सही नहीं है।
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