ड्रग्स व मानव तस्करी में संलिप्तता का भय दिखाकर दिया वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर क्राइम थाना ईस्ट क्षेत्र में सीबीआई अधिकारी बनकर जालसाज ने ड्रग्स व मानव तस्करी में संलिप्तता का भय दिखाकर युवक से ढ़ाई लाख रुपये ठग लिए। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-55 में रहने वाले अनिल प्रकाश भटनागर ने कहा कि उनके पास बीती 5 सितंबर को सुमेध मिश्रा नामक युवक की कॉल आई। जिसने खुद को कस्टम विभाग में कार्यरत बताया और कहा कि दिसंबर 2023 में दिल्ली से मलेशिया के लिए वांग झांग के नाम से पार्सल भेजा गया था। जिसमें 140 ग्राम ड्रग्स, 16 नकली पासपोर्ट, 58 एटीएम कार्ड हैं। सुमेध मिश्रा ने अनिल को तुरंत मोबाइल नंबर पर पुलिस स्टेशन वसंत कुंज, दक्षिण दिल्ली से संपर्क करने को कहा। अनिल घबरा गया और उसने सुमेध मिश्रा द्वारा दिए गए नंबर पर संपर्क किया। जहां से उसे पता चला कि मादक पदार्थ और मानव तस्करी का एक कुख्यात गिरोह सक्रिय है। जिसमें अनिल प्रकाश भटनागर सहित कई सक्रिय व्यक्ति शामिल हैं। जिनका एचडीएफसी शाखा में एक बैंक खाता है। इस गैंग की तमाम ट्रांजेक्शन उस अकाउंट में की जाती है। उन्होंने अनिल को डराते हुए कहा कि वह इस केस में आरोपी है और बिना अनुमति कहीं नहीं जा सकता है। इसके बाद अनिल की मुंबई से आए तथाकथित सीबीआई अधिकारी से बातचीत कराई गई। बताया गया कि वही इस केस की जांच कर रहे है। सीबीआई अधिकारी ने अपना नाम अजीत श्रीवास्तव बताया और कहा कि वह सीबीआई में विशेष अधिकारी हैं और पहले पंजाब के पुलिस महानिदेशक थे और आईबी में भी कार्यरत थे। उसने अनिल से कहा कि यह केस बहुत ही जघन्य अपराध का है और अनिल इसमें शामिल है। इसको लेकर अनिल की पूरा बैक ग्रांउड देखते हुए उसकी जांच की जाएगी और पूछताछ की जाएगी। उन्होंने अनिल से उसके अकाउंट में मौजूद ढ़ाई लाख रुपये एक अन्य अकाउंट में ट्रांसफर करवाए। वहीं कहा गया कि अनिल को क्लीन चिट मिलने पर रुपये वापस कर दिए जाएंगे। उन्होंने अनिल के मकान का पता भी नोट किया और कहा कि जब भी जरूरत होगी उसे मकान के दस्तावेज भी जमा कराने होंगे। इसके बाद अनिल से संपर्क खत्म कर दिया गया। बाद में अनिल को पता चला कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।