- महिला ने की थी प्रदेश के गृहमंत्री से शिकायत, दर्ज हुआ मामला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फर्जी जीपीए के आधार पर धर्म कॉलोनी में एक महिला से साढ़े 48 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। जो व्यक्ति किरायेदार बनकर मकान में आया। उसी ने मकान की पुरानी जीपीए होने का दावा किया। गृहमंत्री के आदेश पर पालम विहार थाना पुलिस ने साजिश रचने वालों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार गृहमंत्री अनिल विज को यह शिकायत गांव के अमनपुरा निवासी महिला प्रेमलता ने दी। ठगी का आरोप भिवानी निवासी विमलेश, झज्जर निवासी सत्यवान और उसकी पत्नी राजेश्वरी पर लगाए गए हैं। विमलेश अब गाजियाबाद में रहती है। शिकायतकर्ता महिला का कहना है कि धर्म कॉलोनी में उन्होंने 92 गज का प्लॉट विमलेश से साढ़े 48 लाख रुपये में नवंबर 2021 में खरीदा था। इसकी जीपीए गाजियाबाद में रजिस्टर्ड कराई गई। मकान में ग्राउंड फ्लोर को जमना प्रसाद जबकि पहली मंजिल को सत्यवान और उसकी पत्नी राजेश्वरी को किराये पर दिया हुआ था।
सत्यवान व उसकी पत्नी को मकान खाली करने को कहा गया तो वे झगड़ा करने लगे और कभी समय पर किराया भी नहीं देते थे। जबकि फरवरी 2022 में उनसे किरायेदार का एग्रीमेंट किया था। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई तो 14 अगस्त 2023 को पालम विहार थाना में सत्यवान व उसकी पत्नी राजेश्वरी ने इस मकान की एक अन्य जीपीए दिखाई जो राजेश्वरी के नाम पर नवंबर 2019 की थी। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि विमलेश के नाम ये प्लॉट दिल्ली नजफगढ़ निवासी कश्मीर सिंह ने 9 अक्तूबर 2019 को कराया था। फिर करीब एक महीने के अंदर ही ये एग्रीमेंट कैंसिल हो गया था।
ऐसे में विमलेश इस मकान की मालिक नहीं थी और इसके बावजूद उसने ये मकान बेचने के नाम पर साढ़े 48 लाख रुपये ठग लिए। गृहमंत्री कार्यालय से कमिश्नरेट की पुलिस को शिकायत आई। अब प्राथमिक जांच के बाद पालम विहार थाना में साजिश के तहत ठगी की धारा में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। थाना पुलिस की टीम मामले में जांच कर रही है।