फोटो -02,03,04
माता के भजन कीर्तन से परिसर हुआ गुलजार, एक महीने 24 घंटे हो सकेंगे दर्शन
- सुबह 5 और शाम 6 बजे आरती, लाइव प्रसारण के लिए परिसर में लगी एलईडी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। चैत्र महीने में लगने वाला गुरुग्राम का श्री माता शीतला मंदिर का मेला शुरू हो गया है। मेले की शुरुआत के पहले दिन बड़ी संख्या में भक्तों ने माता के दर्शन किए। लोग अपने छोटे बच्चों, नई बहुओं को लेकर माता का आशीर्वाद लेने पहुंचे। हालांकि मंदिर का पुनर्निमाण होने के कारण मंदिर का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बंद है। बावजूद इसके भक्त समूह में आकर जहां जगह मिल रही है, वहीं भजन कीर्तन में जुट जाते हैं। मेले में लोग बच्चों के मुंडन के लिए भी आ रहे हैं।
मंदिर के बाहर प्रसाद, शृंगार की सामग्री, बच्चों के खिलौनों आदि की दुकानें सज गई है। मिलेनियम सिटी में मिट्टी से बने गुल्लक, हाथी घोड़े जैसी चीजें लोगों के आकर्षण का केंद्र है। हालांकि पहले दिन भक्तों की ज्यादा भीड़ नहीं थी। मगर दूर-दूर के लोग समूहों में पहुंचने लगे हैं।
दिल्ली से आया एक समूह मंदिर परिसर में भजन कीर्तन करता नजर आया। समूह की महिलाओं ने बताया कि वे लोग 40 साल से चैत्र मेले में आ रही हैं। हर साल ढोलक, झाल, मंजीरा आदि लेकर सारे दोस्तों रिश्तेदारों के साथ आती हैं। सुबह और शाम की आरती में शामिल होकर लौटते हैं। राजस्थान के गांवों से पारंपरिक पोशाकों में परिवार माता के दर्शन के लिए पहुंचे। कई लोग यहां रात में भी रुकते हैं। मंदिर प्रबंधन में माता शीतला के पट 24 घंटे खुले रखने की व्यवस्था की है। मंदिर परिसर में मुंडन हॉल के पास एक एलईडी लाइट लगा दी गई है।
मंदिर के अधिकारी यज्ञ दत्त शर्मा ने बताया कि मंदिर के मुख्य प्रशासक निगमायुक्त पीसी मीणा और कार्यवाहक प्रशासक सोहना के एसडीएम प्रदीप सिंह ने निर्देशानुसार मेले के दौरान भक्तों की सुविधा का पूरा प्रबंधन किया गया है। मेला शुरू होने से पहले प्रदीप सिंह ने मंदिर और पूरे मेला परिसर का मुआयना कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। होली के दिन सुबह पूजन के बाद दोपहर में मंदिर को बंद किया गया था ताकि होली का हुड़दंग करने वाले लोग मंदिर में नहीं आए। फिर शाम को मंदिर खोला गया। विधिवत रूप से चैत्र मेला बृहस्पतिवार को शुरू हुआ है। नवरात्र के समय ज्यादा भक्त पहुंचेंगे। इसलिए उस समय ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध होगी। अभी भक्तों की संख्या सामान्य है।
मंदिर में पानी, अस्थाई शौचालय, स्वास्थ्य शिविर, एंबुलेंस, अग्निशमन की गाड़ी आदि उपलब्ध रहेगी। मंदिर में निर्माण कार्य होने के कारण परिसर में सिर्फ दर्शन और मुंडन आदि की सुविधा है। पार्किंग स्थल और आस-पास भी व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी। मंदिर में सबसे ज्यादा लोग शनिवार से मंगलवार के बीच पहुंचते हैं, उस समय विशेष व्यवस्था रहेगी। सुबह 5 बजे और शाम 6 बजे की आरती को एलईडी में दिखाने की व्यवस्था की गई है।