ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रथम प्रशासिका थीं
पटौदी। भोड़ाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का 58वां स्मृति दिवस मनाया गया। मां जगदम्बा सरस्वती जिन्हें ओम राधे के नाम से भी जाना जाता था, मात्र 17 वर्ष की आयु में अपना पूरा जीवन ईश्वरीय मार्ग में समर्पित कर दिया। मां जगदम्बा ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रथम प्रशासिका बनीं। ब्रह्माकुमारी संस्थान के अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बृजमोहन ने कहा कि मातेश्वरी धैर्य की देवी थीं। इस मौके पर ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि मातेश्वरी का हर बोल प्रेरणादायक होता था। उनकी मुख्य शिक्षा यही थी कि हर घड़ी अंतिम घड़ी समझो। कार्यक्रम में मातेश्वरी के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंग गीत, कविता एवं नाटक के माध्यम से व्यक्त किए गए। कार्यक्रम में दिल्ली एवं एनसीआर से संस्था के हजारों सदस्यों ने शिरकत की। इस मौके पर बीके उषा दीदी, बीके जय प्रकाश एवं बीके मधु आदि मौजूद रहे। संवाद