सोहना के एसीपी अपराध नवीन संधू के अनुसार प्रदीप शर्मा 31 जुलाई को ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होने नूंह गया था। वहां पर हिंसा हुई। हिंसा के बाद वह सुरक्षित जगह पर छुपा रहा। देर रात साढ़े 10 बजे नूंह से वापस अपने घर भोंडसी लौट रहा था तो सोहना के रायपुर के पास दंगाइयों ने उसकी गाड़ी पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला बोल दिया।
पुलिस को एम्बुलेंस चालक पर शक
सीसीटीवी में साफ देखा जा सकता है कि एक एम्बुलेंस मस्जिद के सामने आकर रुकती है। तब उसकी डिग्गी बंद थी और फिर अंधेरे में एम्बुलेंस की डिग्गी को खोलकर कुछ फेंका गया था। इसके बाद एम्बुलेंस मौके से वापस जाती देखी जा रही है। इसमें एम्बुलेंस की डिग्गी खुली हुई दिखाई दे रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो प्रदीप को इसी जगह से गुरुग्राम पुलिस ने गंभीर हालत में बरामद किया था। पुलिस को शक है की इसी एम्बुलेंस में प्रदीप शर्मा को यहां फेंका गया था, जबकि उसकी कार रायपुर के पास मिली थी। गाड़ी पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला करने के निशान मिले हैं। बाद में प्रदीप को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, जहां पर उसकी मौत हो गई।