फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुग्राम: कोर्ट के आदेश पर दस साल बाद केस दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2013 में घर में घुसकर युवक को गोली मारने का आरोप
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

तावडू। सदर थाने के अंतर्गत गांव मोहम्मदपुर अहिर पाटी ढाणी में जबरन घर में घुसकर युवक को गोली मारने के मामले में कोर्ट के आदेश पर घटना के 10 साल बाद पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पीड़ित शाहिद की शिकायत के मुताबिक अगस्त 2013 में रात के समय पुलिस की एक टीम जबरन घर में घुसी। उन्होंने आते ही चारपाई पर सो रहे उनके भाई आबिद को घेरकर सोते हुए गोली मार दी। आबिद के शोर मचाने पर पुलिस ने बंदूक की बटों से हमला कर उसके हाथ और रीढ़ की हड्डी को तोड़ दिया। शोर शराबा होने पर अन्य ग्रामीण एकत्रित हो गए। उन्होंने मारपीट का विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी संजय कुमार ने ग्रामीणों के समक्ष आबिद को गोली मारने की बात कही। आबिद को मरा हुआ समझकर पुलिस मौके से चली गई। करीब दस मिनट बाद गंभीर रूप से घायल आबिद को होश आया तो उसे उपचार के लिए नूंह लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। उपचार के दौरान आबिद के शरीर से एक गोली निकाली गई साथ ही रीड की हड्डी और हाथ में फ्रैक्चर बताया गया। शाहिद और परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने नाजायज तरीके से निर्दोष आबिद के साथ मारपीट की थी। घटना को लेकर ग्रामीणों ने विरोध भी जताया था। जिस पर तत्कालीन उप पुलिस अधीक्षक ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने मामले में नूंह पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। पीड़ित शाहिद ने तत्कालीन थाना प्रभारी संजय कुमार, उप निरीक्षक सुरेंद्र, जांच अधिकारी राजेंद्र, सहायक उपनिरीक्षक गजेंद्र, चालक रुपेश व अशोक और सिपाही महेंद्र सहित 8-10 अन्य पुलिस जवानों पर आरोप लगाया है। सदर थाना प्रभारी संदीप मोर का कहना है कि मामला वर्ष 2013 का है। फिलहाल कोर्ट के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। पुलिस जांच में जुटी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें