विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़
- कॉल सेंटर संचालक व तीन महिलाओं सहित 14 गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर क्राइम थाना ईस्ट पुलिस ने यूएसए/विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर संचालक, तीन महिला सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कस्टमर सर्विस के नाम पर विदेशी लोगों से ठगी करने के बाद टोल फ्री नंबर ही बदल देते थे। एक कॉलर के साथ 100 डॉलर से 500 डॉलर की ठगी करते और पेमेंट को गिफ्ट कार्ड के तहत लेते थे।
पुलिस ने मौके से 14 लैपटॉप व पांच मोबाइल बरामद कर आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। दरअसल, साइबर क्राइम थाना ईस्ट के प्रभारी इंस्पेक्टर जसवीर की टीम को सूचना मिली थी कि सेक्टर-49 स्थित यूनिवर्सल ट्रेड टॉवर में फर्जी तरीके कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों से ग्राहक सर्विस के नाम पर ठगी की जा रही है। जिस पर एसीपी साइबर क्राइम विपिन अहलावत की अगुवाई में टीम गठित कर मौके पर रेड मारी गई। रेड के दौरान पुलिस ने पाया कि कॉल सेंटर पर विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगा जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम ईस्ट में केस दर्ज किया गया।
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ये आरोपी पकड़े गए:
पुलिस ने मामले में कॉल सेंटर संचालक आदित्य सिंह, अंकित चड्डा, आकाश सेन, सूरज मिश्रा, आयुष सक्सेना, हेमंत शर्मा, संजीव शुक्ला, अजय कुमार, आशुतोष शर्मा, पंकज कुमार, तुषार कुमार तथा आरोपी महिला राजदीपा दास गुप्ता उर्फ जेनी, देविका पुरानदे व मनीषा को गिरफ्तार किया है।
आर्डर कैंसिल करके लेते थे झांसे में
कॉल सेंटर संचालक आदित्य सिंह ने पुलिस को बताया कि वह 13 कर्मचारियों के साथ मिलकर यह काल सेंटर चला रहा था। सभी को कस्टमर सर्विस के लिए सेलेरी/कमीशन पर रखा हुआ है। वह और इसके सभी साथी आरोपी रियल पीबीएक्स डॉयलर के माध्यम से टोल फ्री नंबर पर आने वाली कॉल को सुनते हैं और विभिन्न तरीकों से यूएसए/विदेशी नागरिकों के पास अमेजॉन, पेपल, जेल्ले व कैश ऐप्प इत्यादि का ऑर्डर लेने के बाद ऑर्डर कैंसिल करने की बात कहकर झांसे में लेते थे
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सिस्टम को ले लेते थे रिमोट एक्सेस पर
आरोपी कस्टमर के सिस्टम को एनीडेस्क, टीम विवर, अल्ट्रा विवर आदि एप्लिकेशन को माध्यम रिमोट एक्सेस पर ले लेते थे। इसके बाद कस्टमर को अकाउंट हैक करना, डिवाइस असुरक्षा, फाइनेंशियल इनफार्मेशन लीक व चाइल्ड पोर्नोग्राफी आदि के बारे में डराते हुए इस समस्या को दूर करने के नाम पर उससे ठगी कर लेते थे।
फर्जी कॉल सेंटर में काम करते आरोपी।