सामाजिक संगठनों ने स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव को लिखा पत्र
राजुद्दीन जंग
नगीना। हड्डियां जोड़ने की अत्याधुनिक सी-आर्म मशीन 15 वर्ष से खराब पड़ी है। बीच-बीच में मरम्मत के बाद मशीन को चलाने की कोशिशें जरूर हुईं, लेकिन इंजीनियरों ने हाथ उठा दिए। इसके बाद 2 साल पहले विभागीय कमेटी ने मशीन को नाकाबिल घोषित कर दिया। अभी तक नई मशीन की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग नहीं कर सका है, जिसके कारण रोजाना दर्जनों रोगियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। नई मशीन आने की उम्मीद में मरीजों को तारीख पर तारीख दी जा रही है। यह सिलसिला पिछले डेढ़ साल से लगातार चल रहा है। ऐसे में सरकारी सिस्टम पर सवालिया निशान लगातार खड़े हो रहे हैं। पता चला है कि हरियाणा स्वास्थ विभाग की नवनियुक्त अतिरिक्त मुख्य सचिव के संज्ञान में मामला नहीं है, जिसके कारण लगातार मशीन खरीद में देरी हो रही है। सरफूद्दीन खान मेवाती ने बताया कि सामाजिक संगठन अखिल भारतीय शहीदाने सभा व चौधरी मौजी खान फाउंडेशन ने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉक्टर जी अनुपमा को निजी पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया है। नई मशीन खरीदने में देरी के कारण एक महीने में 20-25 मेजर व 100 से अधिक माइनर मरीजों की सर्जरी नहीं हो पा रही हैं।
मरीज सगीर, जुबेर, वसीम, शकील, अरशद ने बताया कि हड्डी रोग के विशेषज्ञ मांडीखेड़ा में हैं, उनके पास हड्डी जोड़ने वाली मशीन नहीं है। हमें डॉक्टर मेडिकल कॉलेज नलहड़ के लिए रेफर कर रहे हैं या अगली तारीख दे देते हैं। ये तारीख बार-बार मिल रही है।
जिला अस्पताल मड़ीखेड़ा के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद फारुख व डॉ. नसीम अहमद कहते हैं कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा को चिट्ठी भेजकर नई मशीन खरीदने के लिए अनुरोध किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। मजबूरी में कुछ सीरियस सर्जरी मेडिकल कॉलेज नलहड़ रेफर की जा रही है।
सर्बजीत कुमार थापर, सिविल सर्जन नूंह ने कहा कि महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा ने नई सी-आर्म मशीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जल्दी समस्या से छुटकारा मिलेगा।
फोटो कैप्शन: ऑपरेशन थिएटर में बंद पड़ी सी-आर्म मशीन