-एडल डिवाइन कोर्ट हाई राइज के खरीदारों ने किया विरोध प्रदर्शन
-फ्लैट नहीं मिलने से 850 परिवार परेशान, सरकार से मांगी मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 76 स्थित एडल डिवाइन कोर्ट हाई राइज सोसाइटी के खरीदारों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि लगभग 13 वर्ष बीत जाने के बाद भी पजेशन नहीं मिल पाया है। लोगों ने मामले को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में जाने का फैसला किया है।
प्रदर्शन कर रहे और खरीदार बृज किशोर शरण सहित अन्य ने बताया कि वर्ष 2012 में ऐरा बिल्डर ने ऐरा हाईराइज तथा लॉ राइज नामक दो प्रोजेक्ट लाॅन्च किए। कुछ समय के बाद ऐरा नाम बदलकर एडल लैंडमार्क कर दिया गया। बिल्डर ने लॉ राइज सोसाइटी का निर्माण जैसे तैसे कर दिया, लेकिन जरूरी सुविधाएं नहीं दीं। सोसाइटी की मरम्मत से लेकर बिजली की व्यवस्था स्थानीय निवासियों ने की है। वहीं हाई राइज का निर्माण अभी तक नहीं हो पाया है, कोर्ट से भी राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लगभग 850 परिवार स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लोगों ने इस मामलेे में जिला प्रशासन और सरकार से भी मदद की गुहार लगाई है।
-2015 में मिलनी थी पजेशन, अभी तक भटक रहे-
फ्लैट खरीदार जगदीश कौशिक और आरके दलाल ने बताया कि बिल्डर ने 2012 में प्रोजेक्ट लाॅन्च किया। 2015 तक पजेशन देने का वादा किया था। लोगों ने फ्लैट्स के लिए करीब 80 से 85 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। बिल्डर ने लोगों को पजेशन नहीं दिया और स्वयं को दिवालिया घोषित कर दिया है। परेशान लोगों ने 2018 में एनसीएलटी में केस किया, लेकिन नतीजा नहीं मिलने से लोग खफा हैं। रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन में लोगों में एनसीएलटी कोर्ट में चल रहे मामले को फास्टट्रैक कोर्ट में ले जाने फैसला लिया है। लोगों का कहना है कि जल्द सुनवाई नहीं होती तो करीब 850 खरीदार धरने पर बैठेंगे।
लोगों से बातचीत
साल 2012 में फ्लैट बुक कराया था। फ्लैट की कीमत 30 लाख रुपये थी, उसमें से 17 लाख दे दिए थे। मां के रिटायरमेंट और अपनी तनख्वाह से पैसे एकत्रित करके बिल्डर को पैसे दिए। सारे जीवन की कमाई देने के बाद आज ठगा महसूस कर रहे हैं। - विवेक चौधरी, खरीदार
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बिल्डर ने दो साल में पजेशन देने का वादा किया। अब दस साल बीत गए। ना पजेशन मिल रहा है, ना कोई ठोस कार्रवाई हो रही है। सरकार को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और जल्द से जल्द फ्लैट बनवाकर पजेशन देना चाहिए, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन भी मदद नहीं कर रहा, मजबूरन धरने पर बैठेंगे। - जितेंद्र भड़ाना, खरीदार।
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