द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों के लोगों ने लड्डू बांटकर खुशी जताई, लंबे समय से कर रहे थे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शुक्रवार को द्वारका एक्सप्रेसवे के निवासियों के लिए पहली सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत हुई। लंबे समय से इस बस सेवा की मांग कर रहे लोगों ने इसका स्वागत एक दूसरे को लड्डू खिलाकर किया। गुरुगमन बस सेवा के शुरू होने से द्वारका एक्सप्रेसवे की सेक्टर 110 से 115 की सोसाइटियों, न्यू पालम विहार, पालम विहार, साहिब कुंज, साईं कुंज जैसी करीब दर्जन भर कॉलोनियों में रहने वाले करीब 50 हजार लोगों को फायदा होगा।
अब यहां से गुरुग्राम बस स्टैंड, शीतला माता मंदिर और मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकेंगे। यह बस सेवा मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर द्वारका एक्सप्रेसवे से होते हुए दिल्ली बार्डर के चावला टोल तक के लिए है। दूसरी ओर इस रूट से इन इलाके के लोगों के लिए गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पहुंचना भी आसान हो जाएगा, क्योंकि यह बस रेलवे रोड से होकर भी गुजरेगी। इस तरह सार्वजनिक परिवहन सेवा के माध्यम से मेट्रो स्टेशन, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से अब सीधे तौर पर द्वारका एक्सप्रेसवे की सोसाइटियों का जुड़ाव हो गया है।
जीएमसीबीएल की इस बस सेवा का किराया 20 रुपये होगा। इस रूट पर हर आधे घंटे में बस मिल सकेगी। हालांकि लोगों की मांग है कि बस के लिए कुछ और कम समय की फ्रीक्वेंसी की जरूरत है। रेलवे स्टेशन से वाया बस स्टैंड होकर मेट्रो स्टेशन की बसें काफी कम समय में उपलब्ध होती हैं।
इस रूट पर चलेगी 128 नंबर की बस
मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से बजघेड़ा तक के रूट पर चलने वाली बस का नंबर 128 होगा। यह बस मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से बस स्टैंड, राजीव नगर, अतुल कटारिया चौक, शीतला माता मंदिर, सेक्टर पांच चौक, कृष्णा चौक, पालम विहार, साई कुंज चौक, द्वारका एक्सप्रेसवे अंडर पास चौक बजघेड़ा गांव से दिल्ली बार्डर स्थित चावला फार्म टोल तक संचालित होगी।
सेक्टर 110 स्थित साईं कुंज सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश राणा ने बताया कि इस बस सेवा की मांग लोग लंबे समय से कर रहे थे। एक और बस सेवा की मांग की गई हैं। जाे दिल्ली बार्डर से द्वारका एक्सप्रेसवे होती हुई मानेसर तक चलाई जाए। इससे द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित सेक्टर 82 से 115 तक की करीब 250 सोसाइटियों के लोगों को लाभ मिलेगा।
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और बसों के रूट को लेकर करा रहे हैं सर्वेक्षण
द्वारका एक्सप्रेसवे पर सोसाइटियों के लिए सार्वजनिक बस सेवा के लिए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने एक ऑनलाइन सर्वे भी कराया है। जिसमें वे लोगों की राय पूछ रहे हैं कि कौन से रूट की बसें चाहते हैं। सोसाइटियों में कहां स्टॉपेज होना चाहिए। द्वारका एक्सप्रेसवे पर बसने वाली करीब 300 सोसाइटियों के लोगों के पास सार्वजनिक परिवहन का अभाव है। महंगी कैब करके लोगों को अपने कार्यालय और गुरुग्राम के बाजार, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशन, मॉल आदि तक पहुंचने की मजबूरी है। द्वारका एक्सप्रेस वे की पुराने शहर से लगते हिस्से की कुछ सोसाइटियों जैसे सेक्टर 37 सी, डी, सेक्टर 105 में राजेंद्रा पार्क में सिटी बसें हैं, मगर इन सोसाइटियों तक नहीं पहुंचती।
बसई रोड से मेट्रो स्टेशन तक चलने वाली मुद्रिका सेवा के नाम से जीएमबीसीएल की 18 बसें चलती हैं। जो शहर के भीतर के अन्य रूटों के मुकाबले सर्वाधिक बसों वाला रूट है मगर इस रूट की बस पकड़ने के लिए सेक्टर 37 सी के कोरोना ऑप्टस, आईएलडी, तक्षशील हाईट्स, 37डी की सोसाइटियों रामप्रस्था सिटी, बीपीटीपी पार्क सेरेन, टेरा, स्पेशियो में रहने वाले लोगों को करीब दो किमी पैदल चलना पड़ता है।
16 रूटों पर 115 बसें चलती हैं, संख्या बढ़ाने की
जरुरत
गुरुग्राम की करीब 30 लाख आबादी के अलावा सोहना और मानेसर में गुरुग्राम के विस्तार वाले इलाकों के निवासियों के लिए जीएमडीए की बस सेवा जीएमबीसीएल की 16 रूटों पर 115 बसें चलती हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे नए रूट से यह संख्या 17 हो गई है, मगर लोगों के अनुसार यह संख्या अपर्याप्त है। सोसाइटियों के नजदीक बसों के रूट होने चाहिए। सुलभ परिवहन के साथ- साथ शहर की आबोहवा दुरुस्त रखने के लिए भी यह जरूरी कदम है।