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Gurugram News: अपनी दरों से ही बिजली बिल वसूल रहे बिल्डर

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यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम का सोसाइटियों के निवासियों को नहीं मिल रहा लाभ
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बिल्डरों द्वारा मनमानी दर वसूली से बचाने को बनाया गया है यह सिस्टम
पूनम
गुरुग्राम। बिजली के बिल में बिल्डरों की मनमानी रोकने और हरियाणा विद्युत नियामक प्राधिकरण द्वारा तय बिजली दरें दिलाने के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अभी भी बिल्डर अपनी दरों से ही निवासियों से बिल वसूल कर रहे हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम का दावा है कि बिल्डर लाइसेंस सोसाइटियों में बिजली की दरों में बिल्डर की मनमानी को रोकने के लिए नए सॉफ्टवेयर का डाटा अपलोड कर लिया गया है।
बिजली निगम अधिकारियों का दावा है कि सोसाइटियों में इस सिस्टम के आधार पर बिल आने लगे हैं। दूसरी ओर कई सोसाइटियों के प्रतिनिधियों की शिकायत है कि उनके यहां से बिजली निगम ने डाटा तो एकत्र कर लिया है मगर यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम का लाभ सोसाइटियों के निवासियों को नहीं मिल रहा है। इस नए सिस्टम से आधारित बिल उन्हें नहीं मिल रहे हैं। जबकि निवासियों द्वारा प्रयोग में लाया जाने वाला बिजली संबंधित डाटा बिजली निगम के सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया गया है।
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इन सोसाइटियों ने की है शिकायत
इस संबंध में दिल्ली गुरुग्राम बार्डर स्थित एंबीयंस लगून अपार्टमेंट, सेक्टर 71 स्थित अंडूर हाईट्स सोसाइटी, सेक्टर 102 स्थित बीपीटीपी एमस्टोरिया, सेक्टर 92 स्थित सारे होम्स, सेक्टर 103 स्थित इंडिया बुल्स सेंट्रम पार्क, सेक्टर 109 स्थित एटीएस ककून सोसाइटी, सेक्टर 103 स्थित ग्रैंड आईवीए सिग्नेचर ग्लोबल, सेक्टर 48 स्थित एरोन विला, सेक्टर 81 स्थित बेसटेक पार्क व्यू आनंदा, सेक्टर 111 स्थित लोट्स होम्स, सेक्टर 86 स्थित पिरामिड अर्बन होम्स, सेक्टर 92 स्थित अंसल हाईट्सआदि सोसाइटियों ने शिकायत की है। इनके अनुसार यहां से डीएचबीवीएन ने यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम के लिए डाटा तो ले लिया है मगर बिल तदनुसार नहीं आ रहे हैं।


बिल कौन जारी करेगा यह भी स्पष्ट नहीं
बिल कौन जारी करेगा इसे लेकर निवासियों और बिजली निगम के बीच स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। एंबीयंस लगून अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष संजय लाल माथुर का कहना कि यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम में सोसाइटी के प्रत्येक फ्लैट के लोड और खर्च संबंधित डाटा बिजली निगम के सॉफ्टवेयर में डाला गया है।निगम द्वारा तय टैरिफ के अनुसार ही बिजली का बिल जारी करना है। अब अगर बिल भी बिल्डर ही जारी करेंगे तो पहले और अब में क्या फर्क रह जाएगा।
जबकि अधीक्षण अभियंता श्यामवीर सैनी का कहना है कि बिजली निगम के पास बिल्डर द्वारा हर रिहाइशी, व्यावसायिक, कॉमन एरिया और व्यक्तिगत घरों में बिजली के उपयोग संबंधित डाटा यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम के सॉफ्टवेयर में डाला गया है। और इसमें खपत भी अपडेट की जा रही है, मगर बिल्डरों को सिंगल प्वाइंट कनेक्शन मिलता है। इसलिए वहां रहने वाले हर परिवार के लिए बिल्डर ही बिल देंगे, मगर वे बिजली दरें उसी अनुसार ले सकते हैं, जितनी बिजली, उपभोक्ता ने उपयोग की है। क्योंकि सारा डाटा डीएचबीवीएन के पास अपडेट है। यह प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है।



लोगों ने कहा
डीएचबीवीएन ने डाटा एकत्र कर लिया है मगर बिल्डरों का दबाव ऐसा है कि यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम के सॉफ्टवेयर से सोसाइटियों को नहीं जोड़ा जा रहा है। हमारी सोसाइटी को भी अभी यूनिफाइड बिलिंग सॉफ्टवेयर से नहीं जोड़ा गया है। - संजय लाल माथुर, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एंबीयंस लगून
अंडूर हाईटस से डीएचबीवीएन ने अक्तूबर में ही बिजली संबंधित डाटा एकत्र कर लिया था मगर सोसाइटी को अभी तक डीएचबीवीएन ने यूनिफाइड बिलिंग सॉफ्टवेयर से नहीं जोड़ा है। - उन्मुक्त शर्मा, अंडूर हाईट्स सेक्टर 71
सारे होम्स सोसाइटी ने डीएचबीवीएन को फरवरी 2023 में ही सारा डाटा उपलब्ध करा दिया था, मगर अभी तक यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम के अनुसार बिल उन्हें नहीं मिला है। - प्रवीण मलिक, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सारे होम्स सोसाइटी सेक्टर 92
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अधिकारी ने कहा
सर्किल वन की 80 फीसदी सोसाइटियों को यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम के सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया गया है। इनके यहां इससे संबंधित बिल आने लगे हैं। यह सॉफ्टवेयर और सिस्टम उन जगहों के लिए है, जहां बिल्डर और आरडब्ल्यूए की इस पर सहमति हो। यदि कोई आरडब्ल्यूए और बिल्डर के यहां यह नहीं है, तो वे डीएचबीवीएन से संपर्क कर सकते हैं। - श्यामवीर सैनी, एसई डीएचबीवीएन सर्किल -1
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