हत्या के मामले में अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सीआईए की अलग-अलग टीमें जांच में जुटीं
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। छह दिन पहले हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा
सुनाने
से पहले ही फरार हुए आरोपियों की तलाश में सीआईए की टीम राजस्थान में छापे मार रही है। गैंगस्टर राकेश हयातपुरिया का भाई तरुण सिंघल की अदालत से सात नवंबर को अपने दोस्तों के साथ फरार हो गया था। अदालत की ओर से उसे दो साल पहले हुई हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
बता दें कि खेड़की दौला थाना क्षेत्र में यह वारदात 22 मई 2021 को हुई थी। सिकंदरपुर बढ़ा गांव निवासी महिला पूजा ने पुलिस को बताया कि उस दिन इसके पति हरगोविंद अपने दोस्त रेवाड़ी निवासी संदीप के साथ कार से वापस घर लौट रहे थे। सेक्टर-86 क्षेत्र में पहुंचे तो दो कारों ने इनकी गाड़ी रुकवा ली। कार में गैंगस्टर राकेश हयातपुर का भाई मुकेश, प्रमोद, राज समेत 10-15 लोग थे। उन्होंने हरगोविंद को रुपयों के लेन-देन के विवाद में डंडे से पीटा। आरोप है कि हरगोविंद ने मुकेश को प्लॉट का एग्रीमेंट व चेक दे रखे थे। फिर भी रुपयों को लेकर वो पहले भी घर आकर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दे चुका था। मारपीट कर आरोपी भाग गए। गंभीर हालत में हरगोविंद को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। खेड़की दौला थाने में 22 मई 2021 को ही रास्ता रोक मारपीट व धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई लेकिन बाद में इलाज के दौरान हरगोविंद की मौत हो गई थी जिसके चलते पुलिस ने केस में हत्या समेत अन्य धाराएं जोड़ीं। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया था।
गैंगस्टर राकेश हयातपुर के भाई मुकेश समेत 6 आरोपियों पर मुकदमा चला। अदालत द्वारा उनको दोषी करार देते ही मुकेश अपने साथी अमित के साथ सजा पर फैसला आने से पहले ही भाग गया जबकि 4 दोषियों हयातपुर निवासी प्रमोद, बिलासपुर के खरखड़ी गांव निवासी राहुल, रेवाड़ी के महेश्वरी गांव निवासी राहुल और महेंद्रगढ़ के नांगल सरोही निवासी मनोज को अदालत ने उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने चारों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस अब अदालत के आदेश फरार दोनों दोषियों की तलाश कर रही है।