फर्जी हस्ताक्षर से निकाले गए थे रुपये, उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने महिला के अकाउंट मैनेजर द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से 51 लाख रुपये निकालने के मामले में बैंक को दिए आदेश में कहा है कि यह राशि नौ फीसदी ब्याज दर समेत वापस करनी होगी। इसके अलावा मानसिक तनाव के दो लाख और कानूनी खर्च के 22 हजार रुपये भी देने होंगे।
उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में खांडसा रोड पर स्थित साउथ एशियन अपैरल रिसोर्स की मालिक मुक्ता मल्होत्रा के द्वारा दी याचिका में बताया कि उनके अकाउंट मैनेजर राजीव शर्मा कंपनी के एक्सिस बैंक के खाते का हिसाब रखते थे। राजीव ने अपनी पत्नी के नाम पर बनी फर्म प्रियंका डिजाइन में कंपनी के खाते से 51.75 लाख रुपये भेज दिए थे। 15 अप्रैल 2019 को सेक्टर-10 ए के एक्सिस बैंक से मुक्ता मल्होत्रा को पता चला कि राजीव ने चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से समय-समय पर 51.75 लाख रुपये निकाल लिए हैं। पुलिस आयुक्त के आदेश पर नौ जुलाई 2019 को सेक्टर-10 थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच अधिकारी ने फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक एक्सिस बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से बरामद करने के बाद जांच में शामिल होने के लिए एक्सिस बैंक को नोटिस दिया लेकिन जांच में शामिल नहीं हुए।
कोर्ट के आदेश पर लिखावट विशेषज्ञ द्वारा चेक पर हुए हस्ताक्षर की जांच में सामने आया कि वह शिकायतकर्ता महिला के हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने कहा कि बैंक की तरफ से ऐसा कोई भी मैसेज या ईमेल नहीं दिखाया गया,जिसमें उन्होंने महिला को सूचना दी हो। इस मामले में एक्सिस बैंक की गलती है।इसलिए बैंक को 51.75 लाख नौ फीसदी ब्याज दर से उपभोक्ता को देने होंगे।