पिता ने गैंगस्टर संदीप गाड़ोली व कौशल के साथ रंजिश के चलते हत्या का आरोप लगाया था।
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश मोना सिंह की अदालत ने शराब व्यापारी और उसके साथी पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या व हत्या का प्रयास मामले में आरोपी रवि निवासी नई दिल्ली की जमानत याचिका को एक-एक लाख के मुचलके पर मंजूर कर लिया है। शिकायतकर्ता ने गैंगस्टर संदीप समेत अन्य पर आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ता पटौदी चौक निवासी कर्ण सिंह ने सिटी थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया कि बेटा मनीष कुमार पुराने रेलवे रोड पर स्थित डेरी व शराब ठेके संचालित करता था। 17 अक्तूबर 2016 को रात के 11:45 बजे बेटा मनीष अपने साथी लियाकत और चालक सुखबीर के साथ ठेके से कैश लेने गया था। जब ठेके का सेल्समैन कमलेश ठेके का कैश लेकर गाड़ी के पास आया, इसी दौरान 8-10 युवकों ने गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें मनीष के सिर,सीने और पेट में गोलियां लगीं और ड्राइवर सुखबीर के पैर व लियाकत की कमर ,कूल्हे में गोली लगी थी। हमला करने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। उपचार के लिए घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर ने मनीष को मृत घोषित कर दिया व सुखबीर और लियाकत को इलाज के लिए भर्ती कर लिया था। शिकायतकर्ता ने आराेप लगाते हुए कहा कि गैंगस्टर संदीप गाड़ोली के परिवार व गैंगस्टर कौशल के साथ काफी समय से रंजिश चल रही थी। संदीप गाड़ोली के दाहसंस्कार के समय उसके भाई कुलदीप , ब्रह्मप्रकाश व उसकी बहन सुदेश ने ऐलान किया था की बिंदर के परिवार को दिवाली नहीं मनाने देंगे। मनीष की हत्या में कुलदीप, ब्रह्मप्रकाश व सुदेश, कौशल, मनीष ( कौशल का भाई ) और अमित डागर शामिल है ।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील में कहा कि उनका मुवक्किल 27 फरवरी 2023 से हिरासत में है। अब जांच की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा अभियोजन साक्ष्य के स्तर पर लंबित है और इसमें समय लग सकता है। अदालत एक-एक लाख के मुचलके पर जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है।