गुरुग्राम। पूर्व सीजेआई का रिश्तेदार बनकर कोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने के आरोपी की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-17-18 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। रेवाड़ी के गांव खलियावास निवासी खेमचंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनके दोस्त वीरेंद्र सिंह ने बहादुर सिंह ठाकुर से मुलाकात करवाई थी। उसने खुद को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश का रिश्तेदार बताया था। उनका दामाद धर्मवीर एक ठेकेदार के पास सुपरवाइजर की नौकरी करता था। उसने कहा था कि वह उनके दामाद को नारनौल कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पर लगवा देगा। उन्होंने नौकरी लगवाने के 29 लाख रुपये दो बार में लिए थे, लेकिन जब नारनौल कोर्ट में चपरासी की भर्ती का रिजल्ट आउट हुआ तो उसमें धर्मवीर का चयन नहीं हुआ था। संवाद