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Gurugram News: हड़ताल पर बैठे बाबू, अब प्रशासनिक काम हुआ बेकाबू

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रजिस्ट्री, लाइसेंस और ट्रेजरी ठप, धरने के बाद अब भूख हड़ताल पर लिपिक
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कर्मचारियों की मांग - 35400 रुपये का बेसिक मानदेय दिया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पांच जून से जारी लिपिकों की हड़ताल अब व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। जिले में बीते 20 दिन से न कोई ड्राइविंग लाइसेंस बना है, न ही वाहन पंजीकरण हुआ और न ही जमीन की रजिस्ट्री हुई है। कोषागार (ट्रेजरी) का काम भी लगभग ठप पड़ा है। बीते कुछ दिनों में हड़ताल के कारण प्रशासनिक व टेंडर प्रक्रिया का 20 करोड़ से ज्यादा के बिलों का भुगतान प्रभावित हुआ है। उधर, दो दौर की वार्ता विफल होने के बाद क्लर्क एसोशिएन ने अब क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
जिला क्लेरिकल वेलफेयर सोसाइटी हरियाणा के जिला प्रधान हरिओम गुर्जर ने बताया कि पांच जून से क्लर्क भूख हड़ताल पर हैं। इसमें 30 विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। जिले में करीब 750 कर्मचारी हर दिन हड़ताल पर हैं। एसोसिएशन के महासचिव अनिल ने बताया कि करीब 40 फीसदी महिला कर्मचारी हैं। कर्मचारियों की मांग है कि 35400 रुपये का बेसिक मानदेय दिया जाए।
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हरिओम ने बताया कि पूरे प्रदेश में औसतन पंद्रह हजार रजिस्ट्री होती हैं। बीते 23 दिनों में जिले में मात्र एक रजिस्ट्री हुई है। यह कोर्ट केस से जुड़ा मामला रहा। इसके अलावा जिले में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। बादशाहपुर तहसील में जिले का सर्वाधिक वाहन रजिस्ट्रेशन वर्क लोड है। यहां औसतन हर दिन वाहन ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूवल, लर्निंग लाइसेंस पंजीकरण और वाहन पंजीकरण जैसे काम सबसे अधिक होते हैं। तहसील की महिला क्लर्क ने बताया कि औसतन जिले में तीन हजार लोगों को क्लर्क संबंधी काम कराने के लिए भटकना पड़ रहा है। फर्रुखनगर, सोहना और पटौदी के उपमंडल कार्यालयों में बाबू न होने के कारण कई कक्षों के बाहर ताला लटका दिया गया है।
उधर जिले के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों सहित अन्य संस्थानों के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारी लगातार पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने में शामिल हैं। क्लेरिकल एसोसिएशन के आह्वान पर सभी कर्मचारी लघु सचिवालय के सामने सोमवार को भी धरने पर बैठे रहे। लिपिकीय वर्ग समीक्षा के आधार पर वेतनमान 35400 रुपये की मांग कर रहा है।
फिलहाल कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 19900 रुपये है। इसे बढ़ाकर 35400 रुपये कराने की मांग है। कर्मचारियों का कहना है कि हर वेतन आयोग में उन्हें लगातार दरकिनार किया जा रहा है। सरकार ने समय-समय पर विभिन्न पदों पर कार्यरत अध्यापक, फार्मासिस्ट, एमपीएचडब्लू, जीएनएम नर्सिंग स्टाफ के वेतन मान में सम्मान जनक बढ़ोतरी की है। इस दौरान सातवें वेतन आयोग में लिपिक वर्ग की उपेक्षा की गई।

धरने के साथ क्रमिक भूख हड़ताल शुरू
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे कर्मचारियों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को दिनेश, परविंदर, अनिल मेहता, राजेश, मनीषा भूख हड़ताल पर रहे। एसोसिएशन के जिला कैशियर नवीन ने बताया कि हर दिन पांच कर्मचारी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सरकार हठ पर है। ऐसे में कर्मचारी भी अपनी मांग मनवाने के लिए अपने स्तर पर पूरे प्रयास करेंगे।
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सड़क हादसे में एक की मौत, मौन रख दी श्रद्धांजलि
क्लर्क नवीन ने बताया कि सोमवार को पलवल में सड़क हादसे के दौरान एक साथी नरेश तेवतिया की मौत हो गई। इस कारण सोमवार को दो मिनट के मौन के बाद धरने की शुरुआत की गई।
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