सोहना तहसील में चस्पा किया नोटिस, एसडीएम कार्यालय में भी नहीं हुए काम
अमर उजाला ब्यूरो
सोहना/गुरुग्राम। लिपिकों (क्लर्क) की हड़ताल के कारण प्रशासनिक काम पूरी तरह से ठप हो गए हैं। सोमवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर बृहस्पतिवार को भी दिखा। कहीं तहसील में ताले लटके मिले तो कहीं नोटिस लगाकर आमजन से प्रशासन ने काम न करने की असमर्थता दिखाई। सोहना तहसील में लोगों से विनती कर कीमती समय व्यर्थ न करने की अपील तक प्रशासन को करनी पड़ी।
नगर परिषद, उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों में कार्य प्रभावित रहे। सोहना, पटौदी, फर्रुखनगर सहित गुरुग्राम लघु सचिवालय में लिपिकों की कमी के कारण प्रशासनिक काम प्रभावित रहा। लघु सचिवालय परिसर के क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा के बैनर तले काफी तादाद में कर्मचारी हड़ताल पर बैठे रहे।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को चार जुलाई तक उनके मासिक वेतन में बढ़ोतरी का अल्टीमेटम दे चुके हैं बावजूद इसके सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। ऐसे में कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। इस बीच कई पंजीकरण काउंटर खुले रहे लेकिन लोगों को काम कराने के लिए भटकना पड़ा। कई दफ्तरों के बाहर ताला लटका मिला। जिला उपायुक्त, अतिरिक्त जिला उपायुक्त व अन्य दफ्तरों में लोगों ने काम न होने की शिकायतें की। हालांकि कई लोगों को कंप्यूटर ऑपरेटर की मदद से आंशिक काम कराने में मदद मिली। ज्यादातर लोगों को पेपर वर्क के बगैर निराश ही लौटना पड़ा।
सोहना तहसील में नजारा अलग ही दिखा, जहां कंप्यूटर ऑपरेटर और पंजीकरण कक्ष पर ताला लटका मिला। एसडीएम कार्यालय में कर्मचारी नहीं दिखे। मात्र दो से चार कर्मचारी ही खानापूर्ति करते रहे। इस दौरान लोगों को बगैर काम किए ही लौटा दिया गया। तहसील में लोग टोकन लेकर भटकते रहे, लेकिन काम करने के लिए कोई कर्मचारी तैयार नहीं हुआ। सभी ने लिपिक हड़ताल का हवाला दे दिया। हड़ताल को लेकर तहसील कार्यालय में नोटिस भी चस्पा करना पड़ा। सोहना नायब तहसीलदार लच्छीराम का कहना है कि जब बाबू ही हड़ताल पर रहेंगे तो काम प्रभावित होंगे। हड़ताल कब तक चलेगी इसका कोई समय निर्धारित नहीं है।
तहसील में खाली पड़े कार्यालय।