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Gurugram News: आनलॉइन हर्बल दवाइयां बेचने वाले एक और कॉल सेंटर का भंडाफोड़

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पांच युवतियां समेत 14 गिरफ्तार, तीन मोबाइल, 65 सिम, एक सीपीयू व दवाइयां बरामद
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पुलिस ने एक और ऑनलाइन हर्बल सेक्सुअल दवाइयां बेचने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पांच युवतियां समेत 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीन मोबाइल, 65 सिम, एक सीपीयू व दवाइयां भी बरामद किया है। बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने एक ऐसे कॉल सेंटर को पकड़ा था।
एसीपी सोहना विपिन अहलावत ने बताया कि साइबर थाना पश्चिम के प्रभारी नवीन की टीम को सूचना मिली थी उद्योग विहार फेज-5 में अवैध कॉल सेंटर चल रहा है। आरोपी ऑनलाइन हर्बल सेक्सुअल दवाइयां बेचने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करते है। पुलिस टीम द्वारा कॉल सेंटर से 5 लड़कियों सहित कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिनकी पहचान केशव नगर भरतपुर (राजस्थान) निवासी अभय शुक्ला व वैभव शुक्ला , कालीबारी राजगीर (बिहार) निवासी उज्जवल कुमार सिंह, आंबेडकर कॉलोनी बिजवासन दिल्ली निवासी बलराम, पट्टीहारी जिला शाहजहांपुर (उत्तर-प्रदेश) निवासी विकास, गांव ग्रहण जिला मुंगेर (बिहार) निवासी राहुल, गांव मकरमपुर जिला दरभंगा (बिहार) निवासी वसीम अकरम, बनियापारा महरौली दिल्ली निवासी प्रियांशु, कापसहेड़ा दिल्ली निवासी विशाल,पटेल नगर गुरुग्राम निवासी रचना श्रीवास्तव, मोनिका निवासी नवीन कुंज गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश), शिखा ठाकुर निवासी सरोतर जिला मोतीहारी (बिहार), बबली निवासी गांव छुटिया जिला भागेश्वर (उत्तराखंड) और शशि निवासी खिजराबाद फ्रेंड्स कॉलोनी दिल्ली के रुप मे हुई। पुलिस ने आरोपियों पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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गूगल पर विज्ञापन देते थे



आरोपियों से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी अभय शुक्ला के कहने पर हर्बल सेक्सुअल दवाइयां ऑनलाइन बेचने के नाम पर गूगल पर विज्ञापन डालते थे। जब लोग विज्ञापन में दिए हुए नंबरों पर संपर्क करते थे तो ऑर्डर लेकर पैसे अलग-अलग बैंक खातों में डलवा लेते थे। लोगों के पास नकली सामान भेजते थे। लोगों से अलग-अलग चार्ज के नाम पर क्यूआर कोड/यूपीआइ आईडी के माध्यम से पैसे डलवाकर धोखाधड़ी से ठगी करने की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी पिछले करीब 7-8 महीनों से ठगी करने की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए आरोपियों को 18-20 हजार रुपए की सैलरी तथा ठगी गई राशि का 2 फीसदी हिस्सा मिलता था।
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शिलाजीत समेत अन्य दवाइयां मिली
अरोपी पैसों के बदले में अपनी कंपनी एवी हर्बेरियम के मार्का दवाइयां देते थे। आरोपी की कंपनी बिना लाइसेंस के निर्मित हर्बल सेक्सुअल दवाइयां ऑनलाइन बेचकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। एक बार पैसे डलवाने के बाद अलग-अलग बहाने बनाकर और अधिक पैसे क्यू आर कोड भेजकर डलवाते हैं। वैभव शुक्ला मैनेजर के तौर पर कार्यरत है। वह इस काम के साथ नए लड़के- लड़कियों की हायरिंग करता था। जिसे सैलरी के अलावा प्रति स्टाफ के लिए बचत का दो फीसदी हिस्सा दिया जाता है। इसके लिए प्रति व्यक्ति से पेमेंट लेने पर दो फीसदी बोनस के तौर पर भी देते हैं। दवाइयों के बारे में कागजात पेश करने को कहा तो कोई कागजात पेश नहीं किये। इस दौरान एवी हर्बेरियम कंपनी द्वारा निर्मित शिलाजीत प्रीमियम क्वालिटी के 120 पैकेट, शिलाजीत रेसीन प्रीमियम के 20 पैकेट मिले।
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