साजिश रचने के साथ ही पत्नी का विश्वास जीतने के बाद लोकेशन बदलने के लिए गया था खाटू श्याम
पॉलीग्राफी टेस्ट में हुए खुलासे के बाद एसआईटी ने कसा शिकंजा
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। जिस पत्नी के किराएदार से अवैध संबंध को लेकर चार लोगों की आनंद यादव ने हत्या की साजिश रची थी, उसी पत्नी के साथ हत्या के 24 घंटे पहले उसने संबंध बनाए थे। इस बात का खुलासा एसआईटी की ओर से जांच के दौरान डीएनए के लिए लिए नमूने के मिलान के बाद हुआ है।
राजेन्द्रा पार्क में चार लोगों की हत्या के बाद परिजनों को इस बात का संदेह था कि पूर्व फौजी का बेटा ही इसका मास्टर माइंड है। पुलिस की जांच में उसकी खाटू श्याम की मिली लोकेशन के बाद उसे छोड़ दिया गया था। परिजनों की ओर से धरना, प्रदर्शन, कैंडल मार्च निकालने के साथ हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। जिसके बाद पुलिस महानिदेशक के आदेश पर पड़ोसी जिला नूंह के एसपी की ओर से एसआईटी का गठन कर जांच का आदेश दिया गया था।
डीएसपी फिरोजपुर झिरका सतीश वत्स के नेतृत्व में हुई एसआईटी की जांच में रोहिणी मेंं कराए गए पॉलीग्राफी टेस्ट के दौरान पुलिस की ओर से पूछे गए सवाल में उसका झूठ पकड़ा गया था। जिसके बाद पुलिस ने उसके मोबाइल की अन्य लोकेश, ससुराल वालों से मारपीट, बेटी के बयान, व अन्य साक्ष्यों का मिलान किया। उसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
हत्या के पांच घंटे पहले तक था घर पर मौजूद
जिस रात हत्या हुई है। उस शाम तक आनंद घर पर ही था। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए ही खाटू श्याम का कार्यक्रम बनाया था। पेट्रोल पंप व ऐसे रेस्तरा का प्रयोग किया था। जिसके कैमरे में भी वह कैद हुआ था। मामले की जांच करने वाली पुलिस टीम ने खाटू श्माम जाकर उसकी लोकेशन व कैमरे का मिलान किया था।
किरायेदार के डीएनए से नहीं हुआ मिलान
जिस किरायेदार के साथ पूर्व फौजी की बहू के अवैध संबंध बताए जा रहे थे उससे किरायेदार के डीएनए का मिलान ही नहीं हुआ है। ऐसे में किरायेदार पर लगा आरोप साबित नहीं हुआ है। एसआईटी को छानबीन के दौरान यह पता चला कि आनंद का उसकी पत्नी के साथ किरायेदार को लेकर मनमुटाव रहता था। सुनीता एक निजी अस्पताल में काम करती थी यह बात भी उसे नागवार लगती थी।
वर्जन
दो दिन की पूछताछ में आरोपी आनंद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। डीएनए रिपोर्ट में पति व पत्नी के संबंध बनाए जाने का खुलासा हुआ है। जांच को गुमराह करने के लिए उसने वारदात से पहले अपनी लोकेशन बदली थी। - सतीश वत्स, डीएसपी फिरोजपुर झिरका, नूंह।
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चौहरे हत्याकांड की साजिश रचने वाले बेटे ने कबूला अपना जुर्म, पहुंचा जेल
राजेन्द्रा पार्क में पूर्व फौजी ने चार लोगों की धारदार हथियार से की थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। 20 माह पहले राजेन्द्रा पार्क में चार लोगों की हुई हत्या के मामले में मेवात पुलिस की ओर से गठित एसआईटी ने साजिश करने वाले पूर्व फौजी के बेटे एडवोकेट आनंद यादव से पूछताछ पूरी कर ली है। दो दिन की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने षड्यंत्र में शामिल होने की बात कबूल कर ली है। जिसके बाद एसआईटी ने सोमवार को उसे अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। वहां पर उसकी मां विमलेश पहले से जेल में बंद है। जबकि जेल में बंद उसका पिता पूर्व फौजी राय सिंह आत्महत्या कर चुका है।
एडवोकेट अंजू रावत के अनुसार राजेन्द्रा पार्क में 23 अगस्त 2021 की रात को पूर्व फौजी राय सिंह ने अपनी बहू सुनीता , किरायेदार कृष्णा तिवारी, उसकी पत्नी अनामिका तिवारी, बेटी सुरभि तिवारी की धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। पूर्व फौजी के बेटे पर साजिश में शामिल होने का संदेह जताया था। पुलिस महानिदेशक की ओर से गठित मेवात पुलिस की अधिकारियों की जांच के बाद तीन दिन पहले आनंद यादव को गिरफ्तार किया था। जिसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ पूरी की है।