नूंंह जिले को जोड़ने वाले गुरुग्राम-सोहना, नूंह-पलवल, नूंह-तावडू-भिवाड़ी और अलवर मार्ग पर सबसे ज्यादा पुलिस तैनात रही
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अमर उजाला लाइव:
मनोज धर द्विवेदी
नूंह। नल्हड़ महादेव मंदिर में सोमवार को जलाभिषेक यात्रा को लेकर गुरुग्राम से नूंह तक पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजाम रहे। नूंह जाने वाले बाइक सवार, कार और रोडवेज की बसों में यात्रा कर रहे लोगों पर पुलिस की कड़ी नजर रही। कड़े सुरक्षा इंतजाम के कारण सोहना के बाद से दुकानें समेत अन्य प्रतिष्ठान बंद रहे। इसके अलावा नूंंह जिले को जोड़ने वाले गुरुग्राम-सोहना, नूंह-पलवल, नूंह-तावडू-भिवाड़ी और अलवर मार्ग पर सबसे ज्यादा पुलिस तैनात रही।
इन रूटों पर हर जाने वाले पर नजर रखी गई। आधार कार्ड पर नूंह होने पर ही लोगों को आने दिया गया। विश्व हिंदू परिषद की नूंह में सोमवार को जलाभिषेक यात्रा को लेकर रविवार की शाम से ही पुलिस ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। इसके लिए नूंह, सोहना और गुरुग्राम में सबसे ज्यादा नाके लगाए गए थे। हर नाके पर 10-12 पुलिस कर्मी तैनात रहे। पुलिस ने राजस्थान बार्डर को भी सील कर दिया था।
सुबह-8:52 बजे
एक्सप्रेसवे स्थित घामडोज टोल से निगरानी बढ़ी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे स्थित घामडोज टोल पर नूंह की ओर जाने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रही। पुलिस की टीमें टोल से बाइक सवारों के अलावा अन्य की भी कड़ी जांच का रही थी। जहां पर लोगों के पहचान पत्र देखने के बाद ही आगे जाने दिया गया। पुलिस ने बाइक और कार सवारों के आधार कार्ड तक देखे। पुलिस जांच होने से टोल पर सुबह वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इस दौरान स्कूल जाने वाली बसों को भी टोल पर इंतजार करना पड़ा। पुलिस ने रोडवेज में यात्रा करने वालों पर नजर रखी। पुलिस लोगों की बातचीत पर नजर रख रही थी। पुलिस को अंदेशा था कि इसमें बाहरी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने अपनी संतुष्टि के बाद ही लोगों को आगे जाने दिया।
सुबह 9:22 बजे
घामडोज टोल के बाद एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह पुलिस की टीमें तैनात रही, लेकिन पुलिस का नाका सोहना पार करने के बाद आईएमटी नूंह के पास मिला। यहां पर केवल उन्हीं लोगों को आगे जाने दिया गया, जिनके पास आईडी कार्ड ओर आगे जाने का उचित कारण मिला। इस नाके से कइयों को वापस भेज दिया गया। इससे रोजकामेव आईएमटी में काम करने वाले लोगों को परेशानी हुई और वापस लौटना पड़ा।
केएमपी 9:47 बजे
पुलिस ने केएमपी के पास गुरुग्राम-नूंह रोड को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया था। इसके लिए दो-तीन ट्रक सड़क पर खड़े कर दिए थे। इसके अलावा 100 पुलिस कर्मी और फायर ब्रिगेड की टीम तैनात रही। यहां पर आगे जाने वाले वाहनों की जांच और उनके नंबर रजिस्टर में दर्ज होने के बाद ही आने दिया गया। इसमें मीडिया के अलावा अन्य किसी को एंट्री नहीं दी गई।
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सुबह 10.20 बजे
नूंह शहर में प्रवेश करते ही पुलिस लाइन के पास नाका लगाकर लोगों पर नजर रखी जा रही थी। यहां से सिर्फ पत्रकारों को ही आगे बढ़ने दिया। इसके 500 मीटर दूर पर अडबर चौक नाके से किसी को भी आगे नहीं जाने दिया गया। यहां पर स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया के लोग जमे रहे। इसके बाद मंदिर तक करीब छह नाके लगाए गए थे। मंदिर के पास अर्धसैनिक बल के जवान मोर्चा संभाले हुए थे। अडबर चौक नाले पर पुलिस कर्मचारियों से कुछ लोगों की कहासुनी भी हुई।
ड्रोन से भी निगरानी
स्थानीय पुलिस व अर्धसैनिक बलों के साथ ड्रोन के जरिए पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। इससे लोग भी घरों में रहे। हालांकि बाजार बंद होने से पूरा मामला शांत रहा।