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Gurugram News: दलालों से पूछताछ के बाद एसएमएस अस्पताल से कागजात किए जब्त

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किडनी कांड : पुलिस ने चार माह के दौरान किडनी प्रत्यारोपण का फोर्टिस अस्पताल से मांगा ब्यौरा
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। किडनी कांड में जांच कर रही पुलिस टीम ने सवाई मान सिंह अस्पताल से कुछ कागजात जब्त किए हैं। दलालों की कंपनी की ओर से लीगल पेपर तैयार कर इसी सरकारी अस्पताल में जमा कराए जाते थे। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन से किए गए किडनी प्रत्यारोपण की विस्तृत जानकारी मांगी है।
मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने फोर्टिस अस्पताल से अंग प्रत्यारोपण कराने वाली कंपनी मैड सफर प्राइवेट लिमिटेड से करार होने का खुलासा किया था। इस कंपनी के निदेशक सुमन जाना और कर्मचारी सुखमय नंदी उर्फ गोपाल को आठ मई तक पुलिस रिमांड पर लिया है। इस कंपनी का फोर्टिस अस्पताल से करार 13 दिसंबर से था। पुलिस चार माह के दौरान इसकी ओर से जारी कराई गई एनओसी की जांच में जुटी है।
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इसी मामले में ईएचसीसी अस्पताल के समन्वय अनिल जोशी और एनओसी जारी करने वाले क्लर्क गौरव सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार इन दोनों आरोपी व दलालों के बीच पूछताछ के बाद साक्ष्यों को पुलिस जुटाने में लगी है।

अलग-अलग चार थानों की पुलिस कर रही है जांच

किडनी कांड में चार थानों की पुलिस जांच कर रही है। पहला मामला एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से दर्ज हुआ है। इसमें क्लर्क गौरव सिंह को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। दूसरा मामला गुरुग्राम के सदर थाना पुलिस में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से दर्ज कराने के बाद पांच बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है। तीसरा मामला जवाहर सर्कल थाने में दर्ज हैं। जिसकी जांच का नेतृत्व एसीपी गांधी नगर जयपुर की ओर से किया गया है। इसके साथ ही चौथा मामला एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में दर्ज है। जिसकी जांच में पुलिस ने ईएचसीसी अस्पताल के समन्वय अनिल जोशी और एनओसी जारी करने वाले गौरव सिंह को गिरफ्तार किया है।

मैडी सफर प्राइवेट लिमिटेड व फोर्टिस की सांठ-गांठ का खुलासा करने में जुटी पुलिस

फोर्टिस अस्पताल प्रबंधन और मैडी सफर प्राइवेट लिमिटेड के बीच करार था। कंपनी की ओर से ग्राहकों को लाया जाता था। इसका प्रत्यारोपण अस्पताल प्रबंधन की ओर से किया जाता था। अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले में फंसने से बचने के लिए पूरी सावधानी बरती गई है। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि इस कंपनी की ओर से कितने केस दिए गए हैं। कितना पैसा ग्राहक से लिया जाता था और अस्पताल कंपनी को कितना कमीशन देती थी।
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वर्जन
मैडी सफर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक व कर्मचारी से पूछताछ के बाद एसएमएस अस्पताल से कुछ लीगल फाइलें जब्त की गईं है। इन फाइलों में अनियमितता की जांच की जाएगी। - गोपाल सिंह, एसीपी गांधी नगर, जयपुर
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