विकसित होने के बाद विवि को होगी एनआईआरएफ से उम्मीद
- प्रदेश के कई निजी सरकारी विवि टॉप-100 में शामिल, गुरुग्राम विवि नदारद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुणवत्ता, शिक्षा और रिसर्च की कसौटी पर परखे गए उच्च शिक्षण संस्थानों की दौड़ में जिले का गुरुग्राम विवि पिछड़ गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस वर्ष (2023) का नेशनल इंस्टीट्यश्न रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ ) जारी किया। इसमें प्रदेश के 22 जिलों के केवल दो राजकीय पोषित विवि एमडीयू रोहतक व कृषि विवि हिसार ही जगह बना सके। इधर, गुरुग्राम का एक निजी विवि व हिसार का एक निजी कॉलेज टॉप-100 की सूची में जगह बनाने में सफल रहा।
एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए शिक्षाविद् गुरुग्राम विवि को अभी योग्य ही नहीं मानते। शिक्षाविदों का मानना है कि विवि अभी शैशव काल में है। युवा अवस्था में विवि प्रत्येक प्रतिस्पर्धा में अव्वल आने के लिए जोर लगा सकेगा। अलग-अलग शिक्षाविदों ने बताया कि एनआईआरएफ में पांच स्तर पर रैंकिंग का आधार होता है। इसमें शिक्षा पाठ्यक्रम व संबंधित संसाधन, रिसर्च और प्रोफेशन प्रैक्टिस, पीएचडी करने वाले छात्रों की संख्या, अलग-अलग मानकों पर समाहित कारक (इनक्लुसिविटि) के अलावा संस्थान के छात्र व फैकल्टी के नजरिए में संस्थान का मूल्यांकन इसमें शामिल है।
गुरुग्राम विवि के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2017 में संस्थान की स्थापना हुई। ऐसे में अभी विवि अपने निर्माणाधीन चक्र में है। इसका विस्तार होना है। इसमें शिक्षाविदों की संख्या में बढोत्तरी के अलावा कोर्स, छात्र और कैंपस विस्तार शामिल है। विवि अभी नैक की कसौटी पर भी परखा जाएगा। इसके लिए वर्ष के अंत तक आवेदन की तैयारी है। नई शिक्षा नीति को लागू करने के बाद चरणबद्ध तरीके से संस्थान मानकों की दौड़ में आगे बढ़ेगा।
मैफील्ड सेक्टर 51 से जल्द ही गुरुग्राम विश्वविद्यालय (विवि) परिसर कांकरौला में शिफ्ट होगा। इसके लिए कांकरौला में निर्माणाधीन विवि के नए परिसर का निर्माण ब्लॉक स्तर पर पूरा कराया जा रहा है। योजना है कि चरणबद्ध तरीके से परिसर स्थानांतरण का काम पूरा हो। ऐसे में विवि प्रबंधन दिसंबर तक 50 फीसदी परिसर का स्थानांतरण कांकरौला में करने की तैयारी में है। यह परिसर 48 एकड़ क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है।