फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: किफायती मेडिकल पीजी बन रहे अस्पताल के महंगे वार्ड का विकल्प

विज्ञापन
विज्ञापन
करीब दो हजार प्रॉपर्टी में पीजी, गेस्ट हाउस और निजी घर किराये पर देने का बिजनेस, मेडिकल टूरिस्टों के रहने के लिए मौजूद हैं कई विकल्प
विज्ञापन

मूर्ति दलाल
गुरुग्राम। एनसीआर के अस्पतालों में विदेश से इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों से मेडिकल टूरिज्म रफ्तार पर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार की नीतियों ने कोरोना के बाद इस क्षेत्र को उबरने में काफी मदद की है। इस वक्त एनसीआर में रेंटल प्रॉपर्टी यानी किराये पर घर, पीजी या एकल घर लेने का काम दोगुना हुआ है। कॉरपोरेट अस्पतालों के आस पास ऐसी करीब दो हजार प्रॉपर्टी देखने को मिलेंगी। खास बात है कि ऐसी प्रॉपर्टी को किराये पर देने के लिए ऑनलाइन साइट और मार्केटिंग विशेषज्ञ मेडिकल टूरिस्ट को आकर्षित करने वाला पूरा पैकेज दे रहे हैं। इसमें कॉरपोरेट अस्पताल, पर्यटन स्थल, एयरपोर्ट से दूरी आदि सुविधाएं मरीज व तीमारदार को बताई जाती हैं। साथ ही 10 दिन से अधिक समय रुकने वाले ऑर्गेन ट्रांसप्लांट और कैंसर जैसी बीमारी के मरीज को इमरजेंसी सुविधा के अलावा मेडिकल केयर और उपकरण की सुविधाएं भी ऐसे किराये के आवास (पीजी) में उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल पीजी के इस विकल्प से एक ओर मरीज को लाखों रुपये के अस्पताल वार्ड के बिल से निजात मिल रही है तो दूसरी ओर अस्पताल में भी मरीजों का बोझ कम हो रहा है। इस दो तरफा फायदे वाले बिजनेस को रेंटल आवास मुहैया कराने वाले लोगों ने पूरी तरह से भुना लिया है। वह भी खुश हैं कि कोरोना के बाद यह बिजनेस पहले से ज्यादा जोर पकड़ रहा है।

अस्पताल की तर्ज पर ही बनाए गए हैं मेडिकल पीजी
एक से दो किलोमीटर की दूरी पर मरीजों के लिए खास मेडिकल पीजी चलाए जा रहे हैं। इसमें मरीजों की जरूरत के अनुसार नर्सिंग केयर, पौष्टिक आहार, ऑक्सीजन और मरीज की सुविधा के अनुसार बेड उपलब्ध है। इसके अलावा अस्पताल की तरह ही मेडिकल पीजी मरीज की इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरण और साधन उपलब्ध करा रहे हैं। इसमें व्हीलचेयर, ऑक्सीजन सिलिंडर जैसे उपकरण शामिल हैं। साथ ही साथ इस तरह के आवासीय विकल्प दाताओं का एयर एबुलेंस, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के अलावा अस्पताल के उन सेवा दाताओं से सीधा संपर्क है जो केवल विदेशी मरीजों को इमरजेंसी और रुटीन केयर मुहैया कराने में ब्रिज का काम कर रहे हैं।
विज्ञापन


मेडिकल हब ने बढ़ाए रोजगार के विकल्प
लैंग्वेज ट्रांसलेटर, लॉड्री, कुक, यातायात साधन चालक जैसे टैक्सी, मनी एक्सचेंज से जुड़े लोग इस इंडस्ट्री की रीढ़ हैं। मेडिकल टूरिज्म से ऐसे कई सेवादाताओं को रोजगार मिला है। फॉरेन ट्रैवल हॉस्पिटैलिटी (विदेशी यात्रियों का आतिथ्य) में बीते पांच वर्षों से सेवा दे रही हीना बताती हैं कि वह आंत्रप्रन्योर के रूप में इस बिजनेस से जुड़ी हैं। कोरोना के दौरान उनका पूरा काम चौपट हो गया था। इस दौरान कॅरिअर को नई राह देने का विचार बना लिया। हालांकि उन्हें यकीन था कि मेडिकल सर्विस कोरोना के बाद दोगुनी रफ्तार पर होंगी। ऐसे में उन्होंने इस बिजनेस में ही आगे बढ़ने का साहस जुटाए रखा। वह बताती हैं कि अब मेडिकल टूरिज्म बड़ा बिजनेस क्षेत्र है। वह इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं देख पा रही हैं।

बेड एंड ब्रेकफास्ट नियम के तहत स्थानीय आवासों में रह सकते हैं विदेशी

केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय अतुल्य भारत मुहिम के तहत बेड एंड ब्रेकफास्ट नियम के तहत स्थानीय आवासों में विदेशी मेहमानों को रुकने की अनुमति देता है। इसके लिए आवास में प्रॉपर्टी मालिक का सपरिवार रहना जरूरी है। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि विदेशी मेहमानों को घर का माहौल और रियल इंडिया से जुड़ने के साथ ही किफायती दरों पर आवास उपलब्ध हो सके। ऐसी सुविधा देने वाले प्रॉपर्टी मालिक स्थानीय कमेटी से अनुमति लेकर इस व्यवसाय को चला रहे हैं। इसके अलावा सराय एक्ट के तहत विभिन्न पेइंग गेस्ट(पीजी), होटल जैसे विकल्प प्रॉपर्टी के तौर पर उपलब्ध हैं।
विज्ञापन


बीते छह माह में मेडिकल टूरिज्म पर निर्भर रेंटल प्रॉपर्टी बिजनेस हुआ दोगुना

मेडिकल टूरिस्ट और उनके तीमारदारों को बीते दस साल से आवासीय विकल्प उपलब्ध कराने वाले मनोज यादव बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 2013 से इस बिजनेस को अपनाया है। मौजूदा समय में उनके पास निजी, लीज आधारित आवासीय प्रॉपर्टी के कई विकल्प हैं। यह सभी 95 फीसदी बुक हैं। मनोज बताते हैं कि बीते छह माह में यह बिजनेस दोगुना हो गया है। उनके पास सेक्टर 28, 38, 39, 43, 45, 47 जैसे सबसे ज्यादा डिमांड में रहने वाले क्षेत्रों में प्रॉपर्टी किराये पर देने का विकल्प है। इन क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मरीजों का इलाज देने वाले अस्पताल व अन्य सुविधाएं बहुत नजदीक उपलब्ध हैं। मेडिकल टूरिस्ट किराये पर आवासीय प्रॉपर्टी के कई विकल्प चाहते हैं। इसके कई कारण हैं, कई मेडिकल टूरिस्ट किराये पर आवासीय प्रॉपर्टी लेकर कई बार स्वयं खाना बनाते हैं। कई अपने लिए विशेष सुविधाएं चाहते हैं। कई ऐसे भी हैं जो इलाज के दौरान पर्यटन स्थलों की सैर करते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें