पटौदी।
पटौदी के हरि मंदिर आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा प्रवक्ता आचार्य संजीव कपिल ने बताया कि प्रभु का नाम जपने से वर्तमान ही नहीं, जन्म-जन्मांतर के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा एक सतत बहने वाली धारा है, जो हर दिन नया अनुभव कराती है। यह कथा कभी प्राचीन नहीं होती, बल्कि हर बार सुनने पर नई प्रतीत होती है। आचार्य ने कहा कि प्रभु से जुड़ने पर व्यक्ति सांसारिक बंधन से मुक्त हो जाता है और उसका जीवन शांति व आनंद से भर जाता है। संवाद