गुरुग्राम। दस साल पुराने रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के मामले में जिला अदालत ने आरोपी रूपेश कुमार को बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विशाल की अदालत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ कोई ठोस और कानूनी रूप से स्वीकार्य सबूत पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहा है। 11 सितंबर 2016 को डीएलएफ फेज-3 निवासी जसविंदर सिंह कोहली ने डीएलएफ फेज-2 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में गुरुग्राम साइबर सेल ने बिहार के भागलपुर जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र स्थित खगड़िया गांव से आरोपी रूपेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा था कि आरोपी के घर से वह मोबाइल हैंडसेट और सिम कार्ड बरामद कर लिया गया था जिससे धमकी भरा मैसेज भेजा गया था। नौगछिया कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे पांच अक्तूबर 2016 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। संवाद