फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: वाटिका बिल्डर के निदेशक व प्रबंधन पर 133 करोड़ की ठगी का मामला दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
जिस जमीन पर नोएडा के बिल्डर से किया था करार वहां पर निकल गई हाईटेंशन लाइन
विज्ञापन


नोएडा पुलिस ने अदालत के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच गुरुग्राम पुलिस को भेजी

आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के बाद सेक्टर दस थाने में दर्ज कराया मामला



अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दस साल पहले नोएडा के बिल्डर का वाटिका ग्रुप से हुए करार का उल्लंघन करने पर 133 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। वाटिका ग्रुप ने जिस जमीन पर करार किया था। वहां से हाईटेंशन लाइन निकल गई। कंपनी ने लाइन हटवाने का झांसा देकर वारदात को अंजाम दिया। अदालत के आदेश पर पहले नोएडा पुलिस ने मामला दर्ज किया । आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद सेक्टर दस थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
विज्ञापन




पुलिस के अनुसार नोएडा के मैसर्स एसोटेक लिमिटेड नामक कंपनी की ओर से नोएडा अदालत में यह याचिका दायर की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए था। 6 सितंबर 2022 को साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी के आरोप में नोएडा सेक्टर-24 थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी। वहां से 22 अक्तूबर 2022 को यह मामला पुलिस कमिश्नर कार्यालय को मिला। इसके बाद आर्थिक अपराध शाखा टीम ने मामले में जांच किया। मामले में मैसर्स एसोटेक लिमिटेड की ओर से राजीव श्रीवास्तव ने शिकायत दी है। वाटिका बिल्डर कंपनी प्रबंधन व निदेशकों पर ठगी का आरोप लगाया है। आरोप है कि साल 2012 में वाटिका कंपनी के निदेशक आकर नोएडा की कंपनी के प्रबंधन से मिले। इन्होंने कहा कि सेक्टर-88बी उनके पास करीब 10 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर सभी जरूरी लाइसेंस व अनुमति ली हुई है। इस पर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी डिवेलप करने के लिए नोएडा की कंपनी को ऑफर दिया गया। 144 करोड़ में एग्रीमेंट तैयार हो गया और अप्रैल 2013 तक करीब 30 करोड़ रुपये अदा करने के बाद 22 अप्रैल 2013 को करार साइन किया गया। यहां काम शुरू किया गया लेकिन मई 2013 में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की ओर से साइट पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। जिसमें कहा गया कि 400केवी की हाईटेंशन लाइन यहां से गुजर रही है। जब वाटिका बिल्डर को बताया गया तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इन लाइन के रूट को बदलवा देंगे। कुल 133 करोड़ रुपये वाटिका कंपनी को शिकायतकर्ता कंपनी की ओर से अदा कर दिए गए। बाद में नोएडा की कंपनी को पता चला कि यहां से हाईटेंशन लाइन निकालने की प्लॉनिंग तो 2008 में ही गजट में नोटिफाई हो चुकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें