मनी लॉन्ड्रिंग का भय दिखाकर युवती से सात लाख ठगे
साइबर थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर क्राइम पुलिस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग का भय दिखाकर युवती से करीब सात लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। युवती को डराया गया कि उसकी आईडी का दुरुपयोग अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा है। इसके लिए उसे आरबीआई के साथ वित्तीय जांच में रुपये जमा कराने होंगे। पुलिस केस दर्ज कर छानबीन कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में डीएलएफ फेज-दो में रहने वाली प्राची ढोके ने कहा कि उसके पास फेडएक्स ग्राहक सेवा एजेंट के रूप में एक कॉल आई। जिसमें कहा गया कि उसका अंतरराष्ट्रीय पार्सल दो पासपोर्ट, पांच एटीएम कार्ड और 300 ग्राम वीड और लैपटॉप के साथ अस्वीकार कर दिया गया है। प्राची ने कहा कि उसने ऐसा कोई पार्सल नहीं भेजा। एजेंट ने उसे पुलिस में शिकायत दर्ज करने की बात कही और कहा कि उसकी आईडी का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने प्राची की कॉल मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर दिया।
जालसाज ने मुंबई पुलिस के नाम से प्राची से बात की और कहा कि उसकी आईडी आधार कार्ड का मुंबई में अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने प्राची से जांच में मदद करने के लिए कहा और आश्वासन दिया कि वे उसे एक प्रमाणपत्र देंगे। जिसमें लिखा होगा कि प्राची साफ है और उसकी आईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने युवती से 95 हजार ट्रांसफर करने के लिए कहा और कहा कि यह आरबीआई के साथ वित्तीय जांच शुरू करने के लिए एक गुप्त कोड है। यह राशि जमा करने के बाद प्राची से आंतरिक वित्तीय जांच/जांच करने के लिए और राशि जमा कराई गई। युवती ने 6.93 लाख रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद भी रुपये मांगे गए तो पता चला कि उसके साथ ठगी हो गई है।