पटौदी। ब्रह्माकुमारीज संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका, ममता की मूरत मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती जी का 61वां स्मृति दिवस (मामा दिवस) भोडाकलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में श्रद्धा, गरिमा और भावभीनी भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने मातेश्वरी जी के साथ बिताए अपने अलौकिक अनुभवों को भावुकता से साझा किया। उन्होंने कहा कि मातेश्वरी जी का जीवन हम सबके लिए आज भी एक जीवंत प्रेरणा पुंज है। वे सदा ही त्याग, तपस्या, पवित्रता और निस्वार्थ सेवा की साक्षात मूरत थीं। एक बेहद साधारण और छोटी सी कन्या, जिनका लौकिक नाम राधे था। इस अवसर पर संस्थान के मुख्यालय माउंट आबू से राजयोगी बीके रामश्लोक और ओआरसी की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी विजय दीदी ने भी मातेश्वरी जी के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। संवाद