अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में ठग रोजाना ठगी के नए तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। खुद को रिश्तेदार बताकर अस्पताल में बच्चा भर्ती होने की बात कहकर 42 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार देवीलाल कालोनी निवासी संजय से एक ठग ने अस्पताल में बच्चा भर्ती होने और अपने को रिश्तेदार बताकर 42 हजार रुपये ठग लिए। ठग ने संजय को फोन कर कहा कि वह उनका रिश्तेदार बोल रहा है और उसका बच्चा भर्ती है। उसके अकाउंट में पैसे नहीं आ पा रहे हैं, इसलिए वह संजय के खाते में पैसा भिजवा रहा है। इसके बाद ठग ने लिंक भेजकर खाते से 42 हजार रुपये निकाल लिए। संजय की शिकायत पर सेक्टर 9ए थाने में केस दर्ज किया गया है।
चार लोगों से ढाई लाख से ज्यादा की ठगी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में ठगों ने अलग-अलग चार लोगों से ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। जिसमें उनके साथ ढाई लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस आयुक्त ने 50 हजार रुपये से कम के मामलों को स्थानीय थाने में दर्ज कराने का आदेश दिया है। इसके बाद इन मामलों को दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार सेक्टर 18 निवासी तुषार मित्तल से बेहतर मोबाइल नंबर खरीदने के नाम पर कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ठगों ने एक लाख 31 हजार रुपये ठग लिए। उन्होंने सेक्टर 17/18 पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को उन्हें मैसेज मिला। इस पर ही उन्होंने वीआइपी नंबर के लिए आवेदन किया था। ठगों ने उनसे रुपये ले लिए और फोन उठाना बंद कर दिया।
लक्ष्मण विहार निवासी प्रवीण कुमार ने सेक्टर पांच थाने में दर्ज कराई शिकायत में कहा कि उनकी दुकान पर हिमांशु नाम के युवक ने पेटीएम बाक्स रखा था। 22 अगस्त को वह दुकान पर आया और बाक्स में खराबी की बात कह मोबाइल ले लिया। इसके बाद उसने पेटीएम से 20 हजार रुपये निकाल लिए।
डूंडाहेड़ा निवासी अशोक कुमार से अस्पताल में अपाइंटमेंट लेने के नाम पर ठगों ने 68 हजार रुपये ठग लिए। अशोक कुमार ने आनलाइन नंबर लेकर अस्पताल को फोन किया था। उधर से साइबर ठगों ने उन्हें झांसे में ले लिया और लिंक भेजकर खाते से रुपये उड़ा दिए।
न्यू पालम विहार निवासी सचिन बंसल ने पुलिस को बताया कि चार सितंबर को उनका फोन चोरी हो गया। जब वह दूसरे अपना खाता बंद कराने पहुंचे तो बैंक मैनेजर ने उन्हें खाते में कोई पैसा न होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाते में करीब 45 हजार रुपये थे।