गुरुग्राम। साइबर सिटी में बीमा पॉलिसी रिफंड के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो ठगों ने खुद को कस्टमर रिलेशनशिप टीम के मेंबर बताकर पीड़ित को फोन किया। दस साल पुरानी बंद पॉलिसी 22 लाख 80 हजार रुपये रिफंड दिलाने के नाम पर 24.50 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने उसे 52 लाख रुपये का रिफंड दिलाने का झांसा दिया था। यह राशि अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली।
पुलिस के अनुसार यह शिकायत सेक्टर-54 सनसिटी सोसाइटी निवासी पंकित ने दी है। ठगी का आरोप मनीष शर्मा व वरुण सक्सेना नामक दो लोगों पर लगाया गया है। आरोपियों ने कॉल कर खुद को कस्टमर रिलेशनशिप केयर डिपार्टमेंट और आशा इंफोटेक सोल्यूशंस कंपनी का कर्मचारी बताया। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी आईआरडीएआई इंश्योरेंस रेगुलेटरी बॉडी से संबंध है। आरोप है कि वरुण सक्सेना नामक आरोपी ने 27 जून को पहली बार कॉल की। उसने कहा कि आपका इंश्योरेंस पॉलिसी का क्लेम राशि 22 लाख 80 हजार रुपये पेंडिंग है जो आपने नहीं लिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार यह राशि सही थी और आरोपी से जब पूछा कि तुम्हें ये डिटेल कैसे पता तो वो बोला कि उनकी कंपनी आईआरडीएआई से रजिस्टर्ड है और मनीष शर्मा सीए डिपार्टमेंट में मैनेजर है। आईआरडीएआई की ओर से उन्हें इस केस की डिटेल मिली है। फिर आरोपियों ने कहा कि रिफंड राशि वाली पॉलिसी पर इंश्योरेंस एजेंट के कोड है। इन कोड को हटाने के लिए 1 लाख 52 हजार रुपये जमा कराने होंगे। 27 व 28 जून को पीड़ित ने दो ट्रांजेक्शन में यह राशि ट्रांसफर कर दी। फिर दो अन्य इंश्योरेंस एजेंट कोड के लिए 305000 रुपये मांगे। जो 30 जून को जमा करा दिए। इसी तरह अलग-अलग बहाने से आरोपितों ने कुल 24 लाख 50 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बाद भी आरोपी रुपयों की मांग करते रहे। पीड़ित ने रुपये देने से मना किया तो आरोपी धमकी देने लगे कि रुपये जमा नहीं कराए तो रिफंड नहीं मिलेगा। तब शिकायत पुलिस को दी गई।
सेक्टर- 53 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल डिटेल व बैंक खातों के आधार पर आरोप दिल्ली एनसीआर के होने की संभावना है। जांच चल रही है। जल्द ही आरोपियों को दबोचा जाएगा।
मकसूद अहमद, डीसीपी ईस्ट , गुरुग्राम।