प्रदूषण बढ़ाने वाली प्रतिबंधित गतिविधियां करने वालों के किए चालान
नगर निगम ने प्रावधानों की निगरानी के लिए गठित कर रखी हैं टीमें
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। एक अक्तूबर से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद निगरानी कर रही नगर निगम की टीमों ने अब तक 23 लोगों को इसके प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा है। इन पर 98500 रुपये का जुर्माना ठोका है। सख्त कार्रवाई के साथ ही नगर निगम ने वायु गुणवत्ता में सुधार करने के लिए भी उपाय करने शुरू कर दिए हैं। इनमें सड़कों और पेड़ों की पत्तियों पर पानी का छिड़काव करना और मशीनों से स्वीपिंग का काम करना शामिल है।
जिन लोगों पर जुर्माना लगाया गया है उनमें कूड़ा जलाने के एक मामले में पांच हजार रुपये का चालान किया गया है। निर्माण और ध्वस्तीकरण के मलबे के मामले में पांच लोगों पर 50 हजार रुपये, ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की अवहेलना करने पर 17 लोगों पर 43500 रुपये का जुर्माना किया गया है। ग्रैप के प्रावधान लागू होने के बाद कूड़ा जलाना, सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा व मलबा डालना, निर्माण सामग्री रखना व ट्रांसपोर्ट करना आदि गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। नगर निगम क्षेत्र में निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं।
ये गतिविधियां हैं प्रतिबंधित :
- किसी भी तरह के कूड़े में आग लगाना
- सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा व मलबा फेंकना
- बिना ढके निर्माण सामग्री लाना या ले जाना
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नगर निगम ने पांच टैंकर और 14 मशीनें लगाईं
वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए नगर निगम ने स्वयं भी कदम उठाए हैं। इसमें मशीनों से स्पीपिंग की जा रही है। सड़कों व पेड़ों पर पानी का छिड़काव करने के लिए प्रतिदिन 5 टैंकर लगाए गए हैं। सड़कों पर स्वीपिंग के लिए 14 मशीनें काम कर रही हैं।