स्त्री आर्य समाज सुशांत लोक गुरुग्राम में हवन और पूजा। अयोजक
गुरुग्राम। सुशांत लोक फेज-1 के डी ब्लॉक में स्त्री आर्य समाज मंदिर में तेरहवां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर भजन, यज्ञ और प्रवचन का भी आयोजन किया गया। इसमें नैंसी शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रों द्वारा हवन के साथ की गई। भजनोपदेशक कविता आर्य ने प्रभु भक्ति के भजन सुनाकर भक्तों को आनंदित किया। प्रवचन में डॉ. कल्पना आचार्य और ऋतिका आचार्य ने बताया कि जैसे पानी का धर्म शीतलता प्रदान करना, अग्नि का धर्म पवित्रता और परिवर्तन करना और सूरज का धर्म बिना भेदभाव के सबको प्रकाश और ऊर्जा देना है। उसी प्रकार मनुष्य का धर्म मानवता प्रदान करना है। बिना मानवता के मनुष्य पशु के समान है। जिस दिन मनुष्य पानी जैसी शीतलता, अग्नि जेसी पवित्रता सूरज जैसा निष्पक्ष होना सीख जाता है, उसी दिन वो सच्चा आर्य बन जाता है। संवाद