नूंह। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) ने फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव के निवासी इरशाद उर्फ गजनबी को नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के मामले में दस वर्ष के कठोर कारावास और कुल पच्चीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने एक दिसंबर को आरोपी को दोषी ठहराया और बुधवार तीन दिसंबर को सजा का एलान किया। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि घटना 23 जुलाई 2024 की रात करीब दस बजे की है। पीड़िता अपने मवेशियों को बदलने पुराने मकान में गई थी, जहां पहले से मौजूद आरोपी इरशाद उसे जबरन खींचकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जाने से पहले उसने जान से मारने की धमकी भी दी। घर आकर अपने पिता को पीड़िता ने पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत पर 26 जुलाई 2024 को फिरोजपुर झिरका थाने में एफआईआर दर्ज हुई। नूंह पुलिस ने तत्काल इरशाद को गिरफ्तार कर सबूत जुटाए और चार्जशीट दाखिल की। सबूतों के आधार पर करीब सोलह महीने चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट की धारा के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराओं में भी उसे दोषी पाया। जांच के दौरान जेल में बिताया गया समय इसमें समायोजित कर दिया गया है। दोषी द्वारा जुर्माना नहीं भरने पर उसे अतिरिक्त चार माह की कैद भी भुगतनी होगी। संवाद
फोटो: पॉक्सो केस में सजा पाने के बाद दोषी को जेल ले जाती पुलिस।