मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जीएमडीए की 13वीं बैठक में विकास कार्यों के लिए 2887 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की 13वीं बैठक बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2887.32 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 10 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाने, नए जल उपचार संयंत्रों के निर्माण और मौजूदा की क्षमता बढ़ाने, जल निकासी और सीवर उपचार संयंत्रों के नेटवर्क को मजबूत करने, दो फ्लाई ओवर बनाने, 200 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने व एसपीआर को एलिवेटेट बनाने की योजना सहित विभिन्न एजेंडों पर विस्तृत चर्चा कर मंजूरी दी गई।
सीएम बनने के बाद पहली बार नायब सिंह ने जीएमडीए बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की। इसमें शहर के विकास कार्याें पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्य रूप से जल निकासी सुधार योजना, कचरा संग्रहण, सिविल अस्पताल का निर्माण और नए बस स्टैंड का निर्माण आदि शामिल रहे। मानसून के दौरान शहर में जल भराव की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी इस विषय में कोई भी कोताही न बरतते हुए सभी साधनों का उपयोग कर जल भराव की समस्या को समय रहते ठीक करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं गुरुग्राम का दौरा करेंगे। इस विषय में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस विषय में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी मुख्य सचिव को दिए। मुख्यमंत्री ने कूड़ा-कचरा संग्रहण की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि सरकार का ध्येय जनता को सेवाएं प्रदान करना है। कचरा प्रबंधन के लिए संबंधित अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वे जुट जाएं और आने वाले तीन दिनों में सभी साधन जुटाकर गुरुग्राम को एक स्वच्छ और सुंदर शहर बनाना सुनिश्चित करें। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजन मंत्री जेपी दलाल, परिवहन राज्य मंत्री असीम गोयल, शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री सुभाष सुधा, खेल एवं वन, शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री मंत्री संजय सिंह, मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद , जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और डीसी निशांत कुमार यादव, जीएमडीए के अन्य गणमान्य सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
14000 हो जाएगी सीसीटीवी कैमरों की संख्या
जीएमडीए ने शहर की निगरानी और बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए 422 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सीसीटीवी परियोजना के चरण-3 के कार्यान्वयन को मंजूरी प्रदान की। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे इनकी संख्या वर्तमान में लगे 4000 सीसीटीवी से बढ़कर लगभग 14000 हो जाएगी।
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दो फ्लाई ओवर के निर्माण को मिली मंजूरी
बैठक में सेक्टर 45-46-51-52 के जंक्शन पर यातायात की भीड़ को कम करने के लिए एक फ्लाईओवर के निर्माण को भी मंजूरी प्रदान की गई, जिसके लिए 52 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार, सेक्टर 85-86-89-90 के चौराहे पर भीड़ को कम करने और आवागमन को बढ़ाने के लिए 59 करोड़ की लागत से एक और फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
634 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम किया जाएगा मॉडर्न
खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए, जीएमडीए प्राधिकरण ने 634.30 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ताऊ देवी लाल स्टेडियम के उन्नयन को स्वीकृति प्रदान की। इसमें क्रिकेट, फुटबाल, गोल्फ कोर्स, टेबल टेनिस, स्वीमिंग पूल समेत अन्य सुविधाओं में सुधार कर अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। जिससे यह सुनिश्चित होगा कि स्टेडियम विभिन्न प्रकार के खेल आयोजनों और गतिविधियों का समर्थन करने के लिए सुसज्जित है।
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पानी शोधन संयंत्र की भी मिली मंजूरी
चंदू बुढ़ेरा में 78 करोड़ रुपये की लागत से 100 एमएलडी के जल उपचार संयंत्र निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण ने 247 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बसई में 100 एमएलडी जल उपचार संयंत्र इकाई संख्या चार के निर्माण को मंजूरी दी है। धनवापुर में मौजूदा मुख्य पंपिंग स्टेशन को 119 करोड़ रुपये की लागत से 650 एमएलडी क्षमता तक बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है।
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69.66 करोड़ से खरीदी जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें
बैठक में 69.66 करोड़ रुपये की लागत से जीएमडीए क्षेत्र में संचालन के लिए सकल लागत अनुबंध मॉडल के तहत 200 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इस पहल का उद्देश्य गुरुग्राम के निवासियों को सुरक्षित, विश्वसनीय, स्वच्छ और किफायती सिटी बस सेवाएं प्रदान करना है। इलेक्ट्रिक बसों की शुरूआत शहर के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी।
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ड्रेनेज सिस्टम और एसटीपी बनेंगे
राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के साथ सेक्टर 76-80 में मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम प्रदान करने और बिछाने के लिए, जीएमडीए प्राधिकरण ने इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 215 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकृति प्रदान की। बेहरामपुर में 120 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और धनवापुर में 100 एमएलडी एसटीपी के उन्नयन की परियोजना को क्रमशः 50.58 करोड़ रुपये और 75.46 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। सेक्टर 107 में दो चरणों में 100 एमएलडी के दो एसटीपी के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।
एसपीआर को भी मिली मंजूरी
बैठक में एसपीआर को एलिवेटेड बनाने व वाटिका चौक पर क्लोवर लीफ की योजना को भी मंजूरी मिल गई है। करीब 700 करोड़ की परियोजना से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से द्वारका एक्सप्रेसवे को जोड़ना है।