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ग्रेजियानो कंपनी के सीईओ की हत्या में चार को उम्रकैद

Sat, 19 Aug 2017 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

हेडिंग:      
सबहेड: वर्ष 2008 में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने किया था जमकर बवाल
कंपनी में घुसकर हमला और बवाल में दो को तीन वर्ष व दो को एक साल की सजा
67 आरोपियों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में किया बरी 
 
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विस्तार
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वर्ष 2008 में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने ग्रेजियानो कंपनी में जमकर बवाल कर सीईओ ललित चौधरी की हत्या कर दी थी। बवाल में 30 कर्मचारी भी घायल हुए थे। मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम (गौतमबुद्धनगर) रामनरेश मौर्य की अदालत ने चार दोषियों को सीईओ की हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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वहीं, अदालत ने कंपनी में घुसकर हमला करने व धमकी देने का दोषी मानते हुए दो को तीन वर्ष व दो को एक साल की सजा सुनाई है। 67 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।

एडीजीसी ओमप्रकाश यादव ने बताया कि 22 सितंबर, 08 को बिसरख कोतवाली क्षेत्र के उद्योग केंद्र स्थित इटली की कंपनी ऑरलिकॉन ग्रेजियानो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जीएम एचआर व कारखाना प्रबंधक ललित कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा गया था कि कंपनी से निकाले गए लगभग 125 कर्मचारियों ने परिसर में घुसकर हमला कर दिया। लाठी-डंडे आदि से लैस आरोपी कर्मचारियों ने नए कर्मचारियों पर हमला किया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की।

इस दौरान कंपनी के सीईओ ललित कुमार चौधरी के सिर पर लोहे की वस्तु से हमला करके उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।

इसके अलावा लगभग 30 कर्मचारी हमले में घायल हुए थे। बिसरख कोतवाली पुलिस ने जांच कर इस मामले में 75 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में केस की सुनवाई के दौरान 31 गवाह पेश हुए।

किसको कितनी सजा मिली
- अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद राजेंद्र, मोहिंद्र सिंह, पंकेश कुमार और सज्जन कुमार को सीईओ की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने चारों को 506, 452 व 148 धाराओं में पांच वर्ष, तीन वर्ष, एक वर्ष कैद और 4 हजार रुपये अर्थदंड जमा करने की भी सजा सुनाई है। यह सजाएं भी उम्रकैद के साथ चलेंगी।
- दोषी रामचरण और अनवर को धारा 452 में तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही, अदालत ने दोनों को धारा 147 में एक वर्ष व 323 में 6 माह कैद और 1500 रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ चलेंगी।
- दोषी लाभ सिंह और गुरनाम को धारा-147 में एक वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, धारा 323 में 6 माह कैद व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।  सभी सजाएं साथ चलेंगी।
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