नई दिल्ली। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (आईआईसी) में आयोजित प्रदर्शनी ‘गोंड प्रधान्स ऑफ पाटनगढ़’ कला प्रेमियों और शोधार्थियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रतिदिन सुबह 11 से शाम 7 बजे तक खुली रहने वाली यह प्रदर्शनी गोंड कला की जीवंत परंपरा को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरी है। रजा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 12 जून को आईआईसी के अध्यक्ष श्याम सरन ने किया था। प्रदर्शनी में पाटनगढ़ के 21 गोंड प्रधान कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी गोंड कला की समृद्ध परंपरा और उसके समकालीन विस्तार को सामने लाती हैं। यह प्रदर्शनी गोंड कला के प्रख्यात कलाकार जंगढ़ सिंह श्याम की तरफ से शुरू की गई है। यह उस कलात्मक धारा को रेखांकित करती है, जिसने लोककथाओं, गीतों, मिथकों और मौखिक परंपराओं को दृश्य कला में रूपांतरित कर एक नई पहचान दी। संवाद