रामकुमार गौड़ का कहना है कि उनकी दो बेटियां आठ अप्रैल की रात करीब नौ बजे कालीबाड़ी मंदिर से घर लौट रहीं थीं। जैसे ही वह घर के पास पहुंचीं तो ए-ब्लॉक में रहने वाला शोभित पहले से ही बाइक लिए खड़ा था। उसने दोनों बहनों को रोका और गाली देते हुए बोला कि तेरा भाई ऋषभ कहां है। उसको समझा लेना कि मेरी मुखबिरी न करें। ऐसा किया तो उसके साथ अच्छा नहीं होगा।
रामकुमार गौड़ का कहना है कि बेटियों ने विरोध किया तो आरोपी बहस करने लगा। शोर सुनकर उनकी पत्नी भी वहां पहुंची तो आरोपी ने उनसे भी गाली देकर बात की। वहां से जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।