लोनी। बॉर्डर थाना क्षेत्र के बंद फाटक रेलवे लाइन के पास गड्ढे में भर पानी में 27 वर्षीय सत्येंद्र डूब गया। आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को तलाशना शुरू किया। करीब 5 घंटे बाद नगर पालिका और पुलिस की टीम ने युवक के शव को बरामद किया। समय पर एंबुलेंस और सुरक्षा टीम न पहुंचने पर परिजनों ने विरोध किया था।
बंथला के राम विहार कॉलोनी में सत्येंद्र उर्फ भोला (27) परिवार के साथ रहते थे। वह प्लंबर का काम करते थे। पुलिस ने बताया कि सत्येंद्र अपने साथियों से मिलने के लिए बंद फाटक के पास आया था। बरसात होने पर वह वापस घर के लिए निकला था। रास्ते में गड्ढे में पानी भरा हुआ था। रास्ते को पार करने के लिए लकड़ी का फट्ठा रखा हुआ था। सत्येंद्र लकड़ी के फट्ठे के ऊपर से चलकर जा रहा था। अचानक वह गिर गया और पानी में डूब गया। तभी आसपास के लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन वह बाहर नहीं आ सका। सूचना पर बॉर्डर थाना पुलिस पहुंची। उन्होंने रस्सी के माध्यम से जितेंद्र को बाहर निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद अग्निशमन विभाग और नगर पालिका की टीम को बुलाया गया। उन्होंने पानी में डूबे जितेंद्र को तलाशना शुरू किया। रात करीब 10 बजे काफी तलाशने के बाद नगर पालिका और पुलिस की टीम ने सतेंद्र के शव को बाहर निकाला। घटना की सूचना पर सत्येंद्र के परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने समय पर सुरक्षा टीम के न पहुंचने का विरोध किया। एसीपी अंकुर विहार भास्कर वर्मा ने बताया कि सत्येंद्र के शव को बरामद कर लिया गया है। बरसात के चलते मार्ग पर जाम लग गया था। इस कारण नगर पालिका के जेसीबी और एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकती थी। परिजनों को शांत करा दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोनी में पानी की निकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में मजबूरन लोग पानी की निकासी के लिए खाली जगहों पर गड्ढा कर वहां पानी गिराते हैं।
रेलवे की खाली जमीन पर भरता है कालोनी का पानी
जहां गड्ढा में पानी भरा हुआ है वह रेलवे की जमीन है। यहां पूरे कालोनी का पानी भर जाता है। पानी भरने की वजह से यहां गहरा गड्ढा हो चुका है। खाली जमीन तक पानी पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों ने यहां से कच्चा नाला भी बना रखा है। इसी नाले के ऊपर आने जाने के लिए अस्थायी तौर पर लकड़ी का फट्टा रखा हुआ है। जिससे होकर लोग कालोनी में जाते हैं। यह नाला पार करते समय ही युवक नाले में गिर गया और पानी के बहाव के साथ वह गड्ढे में पहुंच गया।
31 जुलाई को खोला के खुले नाले में डूब कर हुई थी मां बेटे की मौत
खुले नाले में गिरकर मौत की 12 दिन के अंदर यह दूसरी घटना है। 31 जुलाई को खोड़ा के खुले नाले में गिरकर मां-बेेटे की मौत हो गई थी। यह नाला खोड़ा दिल्ली क्षेत्र में दिल्ली नगर निगम द्वारा बनाया जा रहा था।