यति नरसिंहानंद गिरी को रोकते पुलिसकर्मी। स्रोत: स्वयं
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गाजियाबाद। यूजीसी एक्ट का विरोध दिल्ली जा रहे शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। महामंडलेश्वर के साथ डॉ. उदिता त्यागी और अनिल यादव के साथ यूजीसी एक्ट के विरोध में दिल्ली जंतर मंतर पर प्राणदान के लिए आमरण अनशन करने जा रहे थे। उनके साथ उनके शिष्य यति रणसिंहानंद, यति अभयानंद, यति धर्मानंद, मोहित बजरंगी और डॉ. योगेन्द्र योगी भी शामिल थे। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि का कहना है कि भारत के उच्च स्तरीय गुप्तचर विभाग के अधिकारियों में चर्चा है कि यह यूजीसी एक्ट अरब देशों विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात की योजनाओं का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक इस्लामिक थिंक टैंक का मानना है कि जब तक भारत से ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य डीएनए को नहीं बदला जाएगा तब तक भारत का पूर्ण इस्लामीकरण संभव नहीं है। यही सनातन धर्म की ढाल बन कर खड़े थे अगर यह ढाल हट जाए तो भारत के इस्लामीकरण को कोई नहीं रोक सकता। उनका कहना है इसी बात को ध्यान में रखकर यूजीसी एक्ट लागू करवाया गया है। इसी का विरोध करने जा रहे थे, तभी उनको मंदिर में ही नजरबंद कर लिया गया। उन्होंने इसको अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी सनातन धर्म को बचाने की अपील की।