माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। सावन मास के तीसरे सोमवार को लोगों ने घरों पर ही पूजा—अर्चना की। सावन के इस तीसरे सोमवार का महत्व इस कारण और बढ गया कि इस दिन सोमवती अमावस्या भी रही। सोसायटी के मन्दिरन सहित स्थानीय मंदिरों में लोगों ने पूजा की। घरों में और मन्दिरों में लोगों ने रुद्राभिषेक भी कराया। श्रद्धालुओं ने घर में शिव की पूजा कर दान कर सोमवती अमावस्या का भी पुण्य कमाया। तीन अगस्त को अंतिम सोमवार है उसी दिन सावन का समापन होगा और रक्षाबन्धन भी है। कोरोना वायरस के बढते प्रकोप व मंदिरों के बंद होने के कारण सोमवार को श्रद्धालुओं ने घरों में या अपने आसपास के मन्दिरों में पूजा की। दूधेश्वर नाथ महादेव और कवि नगर स्थित स्वयंभू मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में सावन के पहले और दूसरे सोमवार की तरह ही सन्नाटा पसरा रहा। मंदिरों में सुबह पुजारियों ने पूजा-अर्चना व आरती की। इस दौरान मंदिर में आम श्रद्धालुओं की एंट्री पूरी तरह से बंद रही। नगर के सोसाइटी स्थित मंदिरों में और शिवालयों में श्रद्धालुओं ने सोशल डिस्टेंस के साथ पूजा अर्चना की। श्रद्धालुगण मंदिर के गेट से ही जल अर्पण कर वापस चले गए। श्रद्धालुओं ने भी सोशल डिस्टेंस के महत्व को समझा है और मंदिर के भीतर जलाभिषेक के दौरान भीड़ लगाने से परहेज किया। सावन का तीसरा सोमवार और इसी दिन सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बनने से शिवभक्तों में दोगुना उत्साह देखा गया। पूरे नगर में भले ही प्रमुख मंदिरों में ताले पड़े रहे हो लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों और सोसाइटी स्थित शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया। शिवभक्तों के लिए ये एक शुभ संयोग रहा। इस दिन की पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है। अमावस्या होने के कारण श्रद्धालुओं ने पितरों की शांति के लिए भी पूजा—पाठ आदि किया। पूजा—पाठ कर श्रद्धालुओं ने पितरों की शांति के लिए दान आदि किया।