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Ghaziabad News: पति की मौत के बाद दो साल से न्याय के लिए भटक रही महिला

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गाजियाबाद। कविनगर थाने में 2021 में इंजीनियर संजय चौधरी की हत्या का मामला दर्ज हुआ। दो साल बाद भी हत्या की जांच अधर में है। इंजीनियर की पत्नी डॉ. अमृता सिंह न्याय के लिए भटक रही है लेकिन न तो जांच आगे बढ़ पा रही और न ही यह स्पष्ट हुआ कि हत्या कैसे और किसने की है। डॉ. अमृता सिंह ने कोर्ट का सहारा लेकर 2021 में कविनगर थाने में एंग्लो ईस्टर्न शिपमैनेजमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के 22 अधिकारी व स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
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राजनगर निवासी डॉ. अमृता सिंह अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ सहारनपुर मंडल की उपनिदेशक हैं। उनका कहना है कि पति संजय चौधरी की अप्रैल 2018 में एंग्लो ईस्टर्न शिपमैनेजमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में मुख्य अभियंता के पद पर संविदा के माध्यम से नियुक्त हुए थे। कंपनी ने नियुक्त करने से पहले उनकी जांच कर स्वस्थ बताया था। नियुक्ति बाद रोजाना उनकी पति से वीडियो कॉल के जरिये बात होती थी। 16 अप्रैल 2018 को उनकी आखिरी बार बात हुई थी। उनका कहना है कि उस दौरान वह काफी उदास थे और उन्होंने उन्हें बताया कि यहां अवैध सामान व मानव तस्करी जैसे कई अवैध काम होते हैं। जिसे करने के लिए जलपोत के कैप्टन व अन्य स्टाफ दबाव बना रहे हैं। साथ ही किसी को बताने पर मारने की धमकी दी।

मामले में उन्होंने एंग्लो ईस्टर्न शिपमैनेजमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, कैप्टन संतोष अच्य्युतन, नन्द कुमार उन्नी, तेजुष्वा कुमार सिंह, जिल्स ऑसेफ अक्कारा, राजीव कुमार, मोहित सहजपाल, मुनिकोटि सागर, सुमित सिंह, गिगि मरकोज बोसन, सिकेटे माधव राव, मौ. जफर उमर, मौ. अजमल खान, कैप्टन विनय सिंह, मनीष प्रधान, कैप्टन अनुपम चतुर्वेदी, सुब्रतो सरकार, रेजिस चाको, डॉ. रोहन एकनाथ, डॉ. मधुसूधन आरते, डॉ. आदित्य और मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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हार्ट अटैक से मौत की मिली थी सूचना
डॉ. अमृता सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल 2018 को वह बिजनौर गई थीं। उन्हें सूचना मिली कि मोरक्को के डाकला पोर्ट के पास उनके पति की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई है। उन्होंने कंपनी को कई ई-मेल करके जानकारी लेने का प्रयास किया। उन्हें कंपनी ने सूचना दी एक सप्ताह में उनके पति का शव भारत भेजा जाएगा। 15 दिन बाद दो मई 2018 को उनके पति का शव दिल्ली लाया गया। आरोप है कि उन्होंने पति का शव देखा तो उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। आरोप है कि कंपनी के स्टाफ से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने को जवाब नहीं दिया और जल्द अंतिम संस्कार कराने का दबाव बनाया। उनका कहना है कि उन्हें शक है कि उनके पति की हत्या की गई है जिसे हार्ट अटैक से मौत होने की बात बताई जा रही है।



नहीं मिला लैपटॉप, मोबाइल व अन्य दस्तावेज

डॉ. अमृता सिंह का कहना है कि कंपनी ने उन्हें ई-मेल के जरिये कई फोटो उपलब्ध कराए लेकिन उनके कई बार मांगने पर कंपनी ने पति का लैपटॉप, मोबाइल व अन्य दस्तावेज अभी तक नहींं दिए। उन्हें शक है कि पति के लैपटॉप व मोबाइल में कई अहम जानकारी हो सकती है।



नामजदों के दर्ज कराए जा रहे बयान

जांच अधिकारी एसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि घटनास्थल यहां का नहीं होने के कारण जांच के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। नामजद लोगों के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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