मुरादनगर। रावली रोड जीतपुर कॉलोनी के पास स्थित अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद दो अस्पतालों के ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम सील कर दिए। वहीं, महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने गुस्साए लोगों को समझाकर शांत कराया।
नेकपुर गांव निवासी जावेद ने बताया कि नौ अगस्त को पत्नी परवीन (26) को रावली रोड जीतपुर कॉलोनी के पास स्थित पीजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। 10 अगस्त को परवीन ने बच्चे को जन्म दिया। अचानक 11 अगस्त को उसकी हालत बिगड़ गई। जावेद ने बताया कि हालत बिगड़ने पर परवीन को पास के सिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई है। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।
वहीं, ससुराल और मायके पक्ष के लोगों के बीच नोकझोंक हो गई। हंगामा बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। नवजात बच्चे को उसकी नानी अपने साथ ले गई। एसीपी नरेश कुमार का कहना है कि महिला की मौत के मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है, परिजनों ने मृतका का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। मायके व ससुराल पक्ष के लोगों के बीच आपसी समझौता हो गया। अस्पताल के खिलाफ कोई तहरीर नहीं मिली है।
बिल नहीं भरा तो रख ली थी मोपेड
जावेद का आरोप है कि पीजीएम अस्पताल में बिल के रुपये जमा न करने पर उन्होंने उसकी मोपेड रख ली थी। रुपये देने के बाद मोपेड ले जाने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम किए सील
अस्पताल में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों अस्पतालों का निरीक्षण किया। डिप्टी सीएमओ डॉ. चरण सिंह, डॉ. देवीलाल, लाखन, ऋषभ मौके पर पहुंचे। डिप्टी सीएमओ डॉ. चरण सिंह ने बताया कि पीजीएम व सिटी अस्पताल का निरीक्षण किया गया। सिटी अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम में पर्याप्त सुविधा न होने के कारण सील किया गया जबकि पीजीएम अस्पताल ने ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम एक ही बना रखा था। जिसका ऑपरेशन थियेटर सील किया गया। वहीं अस्पताल में मौजूद कर्मी पंजीकरण के कागजात नहीं दिखा सके।
महिला की हालत ठीक नहीं थी, हायर सेंटर ले जाने को कहा
पीजीएम अस्पताल के संचालक प्रदीप कुमार का कहना है कि महिला की डिलीवरी ठीक हुई थी लेकिन हिमोग्लोबिन कम होने के कारण महिला की हालत बिगड़ने पर परिजनों से हायर सेंटर ले जाने को कहा था। बिल के बदले मोपेड रखने का आरोप निराधार है।
परिजनों के कहने पर महिला को किया था भर्ती
सिटी केयर अस्पताल के संचालक वसीम चौधरी का कहना है कि परिजनों ने महिला को गंभीर हालत में भर्ती कराया था। परिजनों को महिला गंभीर हालत के बारे में अवगत करा दिया गया था लेकिन परिजनों ने महिला को अस्पताल में भर्ती करने को कहा था। अस्पताल की तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई।