पिछले 6 महीने से नहीं मिली सैलरी, भूखे बेटे ने भी तोड़ा दम... भटक रही है दरदर
ग्वालियर- मध्यप्रदेश के ग्वालियर में निगम की एक सफाई महिला कर्मचारी मदद की गुहार के लिए मंत्री और प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंची,यह महिला सफाई कर्मचारी पिछले 6 महीने से अपने वेतन के लिए दर-दर भटक रही है आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अभी हाल में ही उसके बेटे ने दम तोड़ दिया था लेकिन इसके बावजूद इस की गुहार को सुनने वाला कोई नहीं है।यही कारण है कि सरकार के कार्यक्रम में पहुंची जहां प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट सहित तमाम जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी मौजूद रहे वह उनके सामने फूट-फूटकर मदद की गुहार लगाती रही।
दरअसल शहर के वार्ड क्रमांक 35 में रहने वाली निर्मला धौलपुरिया 6 महीने पहले सफाई कर्मचारी पद के लिए नगर निगम कमिश्नर को आवेदन दिया था।आर्थिक स्थिति को देखते हुए महिला को सफाई कर्मचारी के पद पर रख लिया और उसके बाद या महिला लगातार पिछले 6 महीने से काम कर रही है, लेकिन उसके बाद इस महिला सफाई कर्मचारी को न तो उसकी सैलरी जा रही है और न हीं उसकी हाजिरी भरी जा रही है।वह कई महीनों से अपनी सैलरी के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है लेकिन कोई भी अधिकारी इसकी बात सुनने को तैयार नहीं है।इस महिला सफाई कर्मचारी का कहना है कि कुछ साल पहले उसके पति उसको छोड़ कर चला गया है और उसके भरण पोषण के लिए कोई दूसरा साधन नहीं है उसका कहना है कि अभी कुछ दिन पहले ही उसका 7 साल का बेटा भी चल बसा।महिला सफाई कर्मचारी पिछले कई महीनों से मदद की गुहार लगा रही है लेकिन इसकी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं है।
इसी कड़ी में आज महिला सफाई कर्मचारी कार्यक्रम में पहुची जहां पर वह फूट-फूट कर रोने लगी। उसका कहना है कि उसके भरण-पोषण के लिए अब कोई साधन नहीं है वह पिछले 6 महीने से सफाई कर्मचारी के पद पर काम कर रही है लेकिन उसे पैसे नहीं दिए जा रहे अधिकारियों के द्वारा लगातार आश्वासन दिया जा रहा है।सफाई महिला कर्मचारी ने नगर निगम कमिश्नर किशोर कन्याल से मुलाकात की किशोर कन्याल ने कहा है कि हम इसकी जांच करवा रहे हैं महिला को तत्काल मदद दी जाएगी।