फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: महिला ने एक लाख हड़पने के लिए बनाई धर्मांतरण के दबाव की कहानी

विज्ञापन
विज्ञापन
लोनी। अशोक विहार मदीना गार्डन काॅलोनी में महिला ने धर्मांतरण का दबाव बनाने का जो दावा किया था, पुलिस की जांच में उसमें दम नहीं निकला। पुलिस का कहना है कि महिला कमेटी डालती है। उसने कमेटी के एक लाख रुपये हड़पने के लिए धर्मांतरण के दबाव की झूठी कहानी बनाई है। जिन लोगों को उसे कमेटी के एक लाख रुपये देने हैं, उन पर ही आरोप लगा दिया।
विज्ञापन

पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल महिला का एक वीडियो वायरल होने के बाद की। इसमें महिला कह रही है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग उस पर धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे हैं। वह परेशान हो गई और पलायन करने के लिए मजबूर है। जल्द ही घर छोड़कर चली जाएगा। इस पर कई लोग महिला के पास पहुंचे। इनमें लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर भी शामिल हैं। विधायक ने महिला को कानूनी मदद दिलाने का आश्वासन दिया था।
इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच की। एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि जांच में सबसे पहले तो यह पता चला कि महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो डाला है लेकिन पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है। महिला से भी जानकारी की गई। साथ ही उसके परिवार और आसपास के लोगों से बात की गई। इसमें साफ हो गया कि महिला पर किसी ने भी किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया है।
विज्ञापन

महिला ने जिन लोगों पर धर्मांतरण का दबाव बनाने की बात कही, उनसे भी पूछताछ की गई। पता चला कि इन लोगों का महिला पर कमेटी का एक लाख रुपये बकाया है। महिला कमेटी डालने का काम करती है। इन लोगों ने जैसे ही कमेटी की रकम देने के लिए कहा, वैसे ही महिला ने उन पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। ये लोग रकम मांगते रहे तो वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।



महिला के खिलाफ की शिकायत
एसीपी ने बताया कि महिला की कुछ लोगों के साथ रुपये के लेनदेन को लेकर मारपीट भी हो चुकी है। इसकी महिला ने तहरीर दी थी। इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है। आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। इसके बाद कोई शिकायत नहीं आई। दूसरी ओर महिला के खिलाफ लोगों ने लोनी थाने में शिकायत दी है। उनका आरोप है कि महिला परचून की दुकान के बहाने आसपास के लोगों को अपनी बातों में फंसाकर कमेटी चलाती है। जिन लोगों की कमेटी की अवधि पूरी हो जाती है, उन लोगों को रुपये नहीं देती। रुपये मांगने पर फर्जी मुकदमे में फंसाती है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें