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Ghaziabad News: महिला ने प्रेमी संग मिलकर रची बेटे के अपहरण की झूठी कहानी

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गाजियाबाद। विजयनगर क्षेत्र की महिला ने प्रेमी संग मिलकर अपने सात साल के बेटे के अपहरण की झूठी कहानी बनाई और दो लोगों पर संदेह जताते हुए केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच की तो खुलासा हुआ कि महिला ने इन दो लोगों को जेल भिजवाने के लिए ही फर्जी केस दर्ज कराया है।
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महिला प्रताप विहार निवासी इन दोनों आशु शर्मा और लोकेश चौहान के खिलाफ 2021 में दुष्कर्म और फिर इसी साल चार महीने पहले मार्च में पिटाई का केस दर्ज करा चुकी है। दुष्कर्म के केस में दोनों जमानत पर जेल से बाहर हैं, जबकि पिटाई का मामला फर्जी निकलने पर पुलिस ने कोर्ट में अंतिम आख्या (एफआर) दाखिल कर दी थी।
अपहरण की झूठी कहानी से पर्दा उठते ही पुलिस ने महिला और बुलंदशहर के सिकंदराबाद निवासी उसके प्रेमी नीरज अधाना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में महिला ने कुबूल किया कि उसने यह साजिश दोनों को फिर से जेल भिजवाने के लिए ही रची थी क्योंकि वे दुष्कर्म के मामले में कुछ ही दिन में जेल से बाहर आ गए थे। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि महिला ने शुक्रवार की शाम विजयनगर थाने में सूचना दी थी कि उसके सात साल के बेटे का अपहरण हो गया है। उसे आशु शर्मा और लोकेश चौहान पर संदेह है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में अपहरण की धारा 140 (3) के तहत केस दर्ज कर लिया था।


अपनी बात पर अड़ी रही महिला

(गहरी थी साजिश)
केस दर्ज होने के बाद थाने बुलाकर आशु और लोकेश से पूछताछ की गई। उनके मोबाइल फोन की काॅल डिटेल निकलवाई। लोकेशन भी देखी गई। जांच में उनके खिलाफ अपहरण करने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। दोनों ने बताया कि महिला उनके खिलाफ घर में घुसकर पिटाई करने का झूठा केस दर्ज करा चुकी है। जांच में इसकी पुष्टि भी हो गई थी। इसके बाद अब अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है तो इसके पीछे उसकी कोई साजिश लग रही है। दूसरी ओर महिला अपनी बात पर अड़ी थी। उसका कहना था कि बेटे का अपहरण हुआ है। ये लोग पुलिस को गुमराह कर रहे हैं।


प्रेमी ने बच्चे को मौसी के
पास छोड़ा...वह थाने ले आई
(ऐसे हुआ खुलासा)
महिला ने अपहरण की जैसी साजिश बनाई थी, प्रेमी नीरज ने बिल्कुल वैसे ही काम नहीं किया। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि उसने नीरज से कहा था कि वह बेटे को साथ लेकर चला जाए। चार-पांच दिन अपने घर पर रखे। इसके बाद जब वह उससे कहे, तब कोल्ड ड्रिंक में कुछ नशा देकर उसे पुलिस चौकी के पास छोड़ दे। बेटे को सिखा दे कि पुलिस पूछे तो लोकेश और आशु का नाम ले। इस पर नीरज बच्चे को साथ तो ले गया लेकिन पकड़े जाने के डर से उसे अपने घर में नहीं रखा। वह अगले दिन शनिवार को बच्चे को लेकर हापुड़ पहुंचा और उसकी मौसी के पास छोड़ आया। मौसी को लगा कि इसमें उसकी कोई चाल है। इसलिए, मौसी बच्चे को लेकर रविवार को गाजियाबाद आई और विजनयगर थाने पहुंची। बस फिर क्या था, खुलासा होने में देर नहीं लगी। पुलिस ने पहले नीरज और फिर बच्चे की मां को गिरफ्तार कर लिया।
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