गाजियाबाद के नंदग्राम के गांव सिकरोड़ निवासी चंद्रवीर की लापता होने की चार साल पहले दर्ज हुई रिपोर्ट का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। चंद्रवीर की पत्नी ने प्रेमी अरुण के साथ मिलकर हत्या की और चंद्रवीर के शव को अरुण के ही घर में छह फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया। पुलिस ने लंबित पड़े मामलों की चार साल बाद फिर से जांच की तो हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
चंद्रवीर के भाई भूरे सिंह ने अपने भाई के लापता होने की पांच अक्तूबर 2018 को सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में कोई सुराग नहीं मिलने पर मामले में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी। चार साल बाद पुलिस ने लंबित मामलों की जांच फिर से शुरू कर बेटी और ग्रामीणों से पूछताछ की तो मामले में चंद्रवीर की पत्नी और पड़ोसी अरुण का नाम सामने आया। शक जाहिर करते हुए पुलिस ने अरुण से मामले में पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हुआ।
अरुण ने बताया कि उसका चंद्रवीर की पत्नी सविता से प्रेम संबंध है। इसकी जानकारी चंद्रवीर को हो गई। चंद्रवीर दोनों के प्रेम संबंध में बाधा बन रहा था तो दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने के लिए मारने की साजिश रची। अरुण और सविता ने चंद्रवीर की पहले तमंचे से सिर में गोली मारकर हत्या की उसके बाद अरुण ने उसके सिर के नीचे बाल्टी लगाकर खून भर लिया और दोनों ने मिलकर अरुण के घर में चंद्रवीर के शव को दफना दिया। एसपी क्राइम डा दीक्षा शर्मा ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कुल्हाड़ी और बाल्टी बरामद की है।
पहचान ना हो इसलिए काट दिया था हाथ
एसपी क्राइम ने बताया कि चंद्रवीर ने सीधे हाथ में कड़ा पहना हुआ था जिसमें उसका नाम गढ़ा था। भविष्य में शव की पहचान ना हो उसके लिए अरुण में कुल्हाड़ी से चंद्रवीर का सीधा हाथ काट दिया और केमिकल फैक्टरी के पीछे फेंक दिया।