फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: बाइक चोरी का शक होने पर टोका तो ईंट मारकर ले ली युवक की जान

विज्ञापन
विज्ञापन
मोदीनगर। भोजपुर गांव में 30 अगस्त को की गई विद्यापुर गांव के निवासी नरेश कुमार (28) की हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा हो जाने का दावा करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि वे नरेश की बाइक को एक जगह से हटाकर दूसरी जगह ले जा रहे थे। यह देखकर नरेश को शक हो गया कि वे बाइक चोरी कर रहे हैं।
विज्ञापन

इसी शक में उन्होंने टोका तो वे लोग गुस्से में आ गए। नरेश के साथ उनका झगड़ा हो गया। इसी झगड़े के दौरान तीनों ने ईंट से प्रहार कर जान ले ली और शव को गन्ने के खेत में और बाइक को गहरे गड्ढे में फेंककर फरार हो गए। मौका ए वारदात पर मिले एक मतदाता पहचान पत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। तीनों आरोपी भोजपुर गांव के निवासी हैं।
इनमें मोहित और अमर मेरठ नगर निगम में सफाई कर्मचारी हैं जबकि रोहित भोजपुर में ही गोशाला में कर्मचारी है। तीनों रिश्ते में भाई लगते हैं। अमर मोहित का फुफेरा और रोहित चचेरा भाई है। डीसीपी ग्रामीण जोन सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि नरेश कुमार का शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि उनकी हत्या की गई। पुलिस को घटनास्थल पर गांव के ही सतेंद्र का मतदाता पहचान पत्र मिला था।
विज्ञापन

उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने कह दिया कि पहचान पत्र काफी दिन पहले गुम हो गया था। उन्होंने दूसरा बनवा लिया था लेकिन वह नया पहचान पत्र दिखा नहीं पाए। उन्हें बेगुनाह बताते हुए कई लोगों ने भोजपुर थाने पर आकर हंगामा किया। इस पर सतेंद्र को छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
पेट्रोल पंप के कैमरों की फुटेज में एक बाइक पर तीन लोग घटनास्थल की तरफ जाते नजर आए। इनमें से एक सतेंद्र का बेटा मोहित था। इस पर मोहित को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हत्या का राज खुलने में देर नहीं लगी। उसने बताया कि पिता का पहचान पत्र उसके पास था। हत्या कर भागते समय गिर गया था।


यह था मामला : मजदूरी करने वाले नरेश 27 अगस्त को लापता हुए थे। 30 अगस्त की रात मोदीनगर-हापुड़ मार्ग पर केएस जैन कॉलेज के सामने गन्ने के खेत में अज्ञात शव बरामद हुआ था। नरेश के भाई अजय को शव दिखाया गया तो उन्होंने पहचान कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की जानकारी मिलने पर पुलिस जांच में जुटी।


आरोपियों ने थाने पर किया था हंगामा

सतेंद्र के परिजनों ने पुलिस पर अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए दो दिन पूर्व थाने पर हंगामा किया था। हंगामे में मोहित, अमर और रोहित भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने सतेंद्र का छोड़ दिया था।


ट्यूबवेल पर झगड़े के बाद की हत्या

हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि वे शराब पीने के लिए ट्यूबवेल पर पहुंचे तो वहां पहले ही एक बाइक खड़ी थी। नरेश कुमार कुछ दूरी पर शराब पी रहा था। दोनों पक्ष एक-दूसरे से अनजान थे। वे लोग नरेश की बाइक हटाकर दूसरी जगह ले जाने लगे तो उसे लगा कि वे चोरी कर रहे हैं। उसने उन्हें टोक दिया। इस पर तीनों का नरेश से झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान ईंट मारकर नरेश की जान ले ली। इसके बाद तीनों मेरठ के मोहिद्दीनपुर स्थित अमर की बहन की ससुराल पहुंच गए। वहां रात काटने के बाद दिन निकलने से पहले ही तीनों अपने पट्टी गांव पहुंच गए। डीसीपी ग्रामीण जोन ने सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि जांच में सामने आया कि नरेश कुमार जिस बाइक को इस्तेमाल कर रहा था, वह बाइक कुछ दिन पहले नोएडा से चोरी हुई थी। नरेश उस बाइक के साथ सीसीटीवी कैमरे में कैद है। बाइक घटनास्थल से बरामद हो गई थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें