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प्रवासी श्रमिक का क्या है हाल, निगरानी समिति को देना होगा प्रतिदिन जवाब

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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। अब ग्राम में बनी निगरानी समिति को प्रतिदिन प्रवासी श्रमिकों की रिपोर्ट तैयार कर पंचायत राज विभाग को भेजना होगा। ऐसा नहीं करने पर विभाग ग्राम निगरानी समिति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी कर सकता है। निगरानी समिति को यह बताना होगा कि गांव में कितने श्रमिकों को क्वारंटाइन किया गया है। इसके साथ ही उनके स्वास्थ्य का क्या हाल है। बता दे कि प्रवासी श्रमिकों पर नजर रखने के लिए गांव में निगरानी समिति बनाई गई हैं। इसमें प्रधान, आंगनबाड़ी और आशा के अलावा पंचायत सदस्य भी शामिल किए गए हैं। ये समिति प्रवासी मजदूरों की हर गतिविधि पर नजर रखेगी। जिससे आने वाले प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच होने के साथ ही उनको क्वारंटाइन किए जाने की स्थिति की जानकारी भी देनी होगी। इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव को सौंपी गई है। जैसे ही कोई प्रवासी मजदूर गांव में आएगा समिति उसकी जानकारी पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग को देगी। उसके बाद उसके स्वास्थ्य की जांच कराकर उसे 14 दिन क्वारंटाइन किया जाएगा। ग्राम निगरानी समिति को गांव में लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की रिपोर्ट रोजाना देनी होगी। समिति को बताना होगा कि कितने मजदूरों को क्वारंटाइन किया गया है। साथ ही उनके स्वास्थ्य की स्थिति कैसी है। .............................. कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले प्रवासी श्रमिकों में संक्रमण मिल रहा है। इसलिए कोरोना संक्रमण को ग्रामीण क्षेत्रों में रोकने के लिए ही ग्राम निगरानी समिति बनाई गई हैं। जिले में प्रवासी श्रमिकों की वापसी शुरू हो जाएगी। ऐसे में संक्रमण रोकने के लिए और प्रतिदिन प्रवासी श्रमिकों की जानकारी के लिए ही यह व्यवस्था बनाई गई है। जो भी श्रमिक आएगा उसकी जानकारी पंचायत राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। अनिल कुमार त्रिपाठी, जिला पंचायत राज अधिकारी
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