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वेवसिटी में काम रुकवाने पहुंचे किसान, पुलिस-प्रशासन ने रोका

सार

वेवसिटी में काम रुकवाने पहुंचे किसान, पुलिस-प्रशासन ने रोका गाजियाबाद।आक्रोशित किसानों ने वेव सिटी में ही पंचायत की और अपनी जमीन पर फसल बुवाई करने की बात कही।काम बंद कराने पर अड़े किसानों को समझा दिया गया है।
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विस्तार
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वेवसिटी में काम रुकवाने पहुंचे किसान, पुलिस-प्रशासन ने रोका
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गाजियाबाद। सहमति न बनने के बावजूद जमीन पर कब्जा लेकर कराए जा रहे निर्माण को रुकवाने कई गांवों के किसान और महिलाएं वेव सिटी पहुंचे। किसानों के आने की सूचना पर एसडीएम सदर और सीओ कविनगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाया और काम बंद नहीं होने दिया। आक्रोशित किसानों ने वेव सिटी में ही पंचायत की और अपनी जमीन पर फसल बुवाई करने की बात कही। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सात अक्तूबर को किसानों की बैठक बिल्डर के साथ कराने का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
भारतीय किसान संगठन एकता के जिलाध्यक्ष लोकेश नागर और किसान नेता रुपम नागर ने कहा कि 2013-14 में किसानों और बिल्डर के बीच हुए समझौते की सभी शर्तों को लागू कराया जाए। इसमें आठ फीसदी जमीन विकसित करके देने, गांवों का विकास कराने, किसान परिवार के सदस्य को नौकरी देने और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों के लिए मकान बनाने समेत कई शर्तें हैं। उन्होंने कहा कि महरौली, बम्हेटा, काजीपुरा, बयाना, नायफल के किसानों की करीब 90 एकड़ जमीन पर बिल्डर जबरन कब्जा कर रहे हैं। किसानों ने 12 साल पहले ही जमीन अधिग्रहण के नोटिफिकेशन को कोर्ट में चैलेंज कर दिया था। इस पर अभी कोई आदेश नहीं आया, इसकी वजह से अवार्ड भी नहीं हुआ है। किसानों ने मुआवजा नहीं लिया तो बिल्डर जबरन जमीन कैसे ले सकता है। उन्होंने कहा कि बिल्डर के पास 2019 तक का लाइसेंस था, यानी 2019 में इस प्रोजेक्ट को पूरा करना था। इसके बाद बिल्डर जमीन ले ही नहीं सकता है। उन्होंने वेव सिटी, सन सिटी और आदित्य सिटी से प्रभावित गांवों की जमीनों का रेट एक समान किए जाने की भी मांग की। इस दौरान निखिल, प्रमोद कुमार, किशन कुमार, महेंद्र व बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
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पुलिस-प्रशासन पर लगाया बिल्डर का साथ देने का आरोप
किसानों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को यह जानकारी है कि मुआवजा अवार्ड होने से पहले जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद अधिकारी बिल्डर का साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि बिल्डर और अधिकारियों का यही रवैया रहा तो वह जीडीए और कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
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काम बंद कराने पर अड़े किसानों को समझा दिया गया है। प्रभावित किसानों, बिल्डर, जीडीए अधिकारियों और प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त बैठक सात अक्तूबर को तय की गई है। इसमें सभी अपना पक्ष रखेंगे। - विनय कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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